जालसाजों के चक्कर में फंसकर सेवानिवृत्त इंजीनियर ने 64 लाख रुपये गवां दिए। दो साल तक फर्जी संस्था के खाते में रकम को दोगुना करने के नाम पर जमा कराते रहे। जब समय पूरा हो गया और रकम वापस करने की बारी आई तो जालसाज भूमिगत हो गए। पुलिस ने गबन व धोखाधड़ी के आरोप में आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज ककर लिया है। सभी अभियुक्त दिल्ली के बताए गए हैं लेकिन उनमें कई का पता स्पष्ट नहीं है।
कोतवाली के रहने वाले सेवानिवृत इंजीनियर मंजर हसन ने तहरीर दिया कि अगस्त 2014 में उनके मोबाइल पर रुपए दोगुना करने संबंधी ऑफर आया। बताया गया कि दो साल में जमा रकम का दोगुना हो जाएगी। लालच में पड़कर दस लाख रुपए आरटीजीएस के जरिए बताए गए खाते में भेज दिया। इसके बाद से थोड़ी-थोड़ी रकम बार-बार मंगाते रहे। लालच में इंजीनियर के आंख पर परदा पड़ा रहा और कई बार में आरटीजीएस के जरिए 64 लाख रुपये भेज डाले। पुलिस ने दिल्ली निवासी अनिल शर्मा, रजत सिक्का, शम्भूनाथ चतुर्वेदी, अमेरिका गौड़, रोहन कपूर, अखिलेश कुमार, अजय शर्मा और अंकित शर्मा के खिलाफ 64 लाख रुपए के गबन व धोखाधड़ी का केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।