कानुपर ट्रेन हादसे में घायल खुशुबू, शकुन्तला व आकृति पांडेय।
कानुपर के पास हुई भीषण रेल दुर्घटना की खबर आते ही यहां के तीन परिवारों में कोहराम मच गया। ऐसे दो परिवारों में रविवार दोपहर बाद तक खुशियां लौट आईं लेकिन लालगंज थानाक्षेत्र के रसूलपुर के अनिल कुमार पाल के घर में करुण-क्रंदन रुकने का नाम नहीं ले रहा। इंदौर में सहारा इंडिया में कार्यरत अनिल कुमार पाल की इस ट्रेन दुर्घटना में मृत्यु हो गई। वह लखनऊ स्थित अपने घर लौट रहे थे, जहां उनकरा पूरा परिवार रहता है। दुर्घटना के बाद इलाज को ले जाते समय किसी पुलिस कर्मी ने काल रजिस्टर से रिसेंट कॉल डायल किया तो उनकी पुत्री की मोबाइल पर कॉल गई। तब सबको हादसे की जानकारी हुई। परिवार के लोग तत्काल वहां के लिए रवाना हो गए।
उधर ट्रेन हादसे में दुबौलिया थानाक्षेत्र के खजुहा निवासी राम मणि चौबे के परिवार की महिलाओं के घायल होने की सूचना मिलते ही कोहराम मच गया। उनकी कलवारी के बघौड़ा गांव में भी रिस्तेदारी थी,जहांयह समाचार पहुंचा तो लोग रोने लगे। बाद में घायलों को जब घर लाया गया, तब जाकर उन्हें राहत मिलीा। हालांकि रेल हादसे के सदमे से वे लोग अभी भी उबर नहीं पा रहे हैं।
घायलों में शकुंतला देवी उनकी बहू खुशुबू उर्फ सरिता व पोते आकृति पांडेय छह वर्ष शामिल हैं,जो इंदौर से वापस घर लौट रही थीं। खुशबू ने बताया कि जब सब लोगों को बोगी से निकाला गया तो किसी का ढूंढने से भी समान नहीं मिल रहा था। शकुंतला की मोबाइल भी गायब हो गई थी। घटना के बाद सबसे पहले सरिता ने इंदौर में बैठे अपने पति प्रवीन पांडेय को फोन से हादसे की जानकारी दी। प्रवीन ने अपने ससुराल खजुहा के लोगों को खबर दी। बताया जा रहा है कि शकुतंला अपने दो बेटों व बहू सरिता के साथ इंदौरा में रहती हैं। उनके मायके वाल्टरगंज क्षेत्र के बहरिया में 23 नवंबर को तिलक व 30 नवंबर को शादी है। उसी में शामिल होने उनका पूरा परिवार आ रहा था।