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नोएडा का हिस्ट्रीशीटर भाटी बाराबंकी जेल शिफ्ट

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बस्ती। साढ़े तीन वर्ष से जेल प्रशासन के लिए सिर दर्द बना नोएडा का कुख्यात रणदीप भाटी आखिरकार बाराबंकी जिला जेल में शिफ्ट कर दिया गया।  एसपी और सीओ सिटी का सीयूजी नंबर हैक कर मनचाहे जिले में स्थानांतरित कराने की कोशिश कर चुके एक लाख रुपये के इस इनामी अपराधी ने जेल के भीतर ऐसा कॉल स्पूफिंग गिरोह तैयार कर लिया था, जो अधिकारियों का सरकारी मोबाइल नंबर का फिरौती-रंगदारी वसूलने में इस्तेमाल करते हैं।  
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 जेल अधीक्षक संतलाल यादव ने बताया कि गौतमबुद्धनगर जिला कारागार से भाटी को 27 अक्तूबर 2015 को यहां की जेल में शिफ्ट किया गया था। रणदीप मूल रूप से जनपद गौतमबुद्धनगर के दादरी थानान्तर्गत रिठौरी गांव के कुख्यात महेन्द्र भाटी का पुत्र है। जिस पर हत्या, फिरौती समेत उन्नीस मुकदमे दर्ज हैं।  28 अगस्त को स्पूफिंग गिरोह का खुलासा होने के बाद हिस्ट्रीशीटर रणदीप भाटी को यहां से अन्य जेल में स्थानांतरित करने की पहल शुरू हो गई थी।  
भाटी कनेक्शन का खुलासा 
24 जुलाई को गाजियाबाद पुलिस ने आरोपी को पकड़कर वर्कआउट किया था। आरोपी बृजभान ने बयान दिया था कि यह खेल बस्ती जेल से संचालित किया जाता है। 
अमर उजाला ने 26 जुलाई के अंक में ‘भाटी कनेक्शन के खुलासे से अफसर सन्न’ शीर्षक प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिसके बाद जेल प्रशासन की बोलती बंद हो गई थी। अगले दिन से ही जेल के भीतर का माहौल टाइट होने लगा था।  
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ऐसा है कॉल स्पूफिंग  
कॉल स्पूफिंग इंडियन टेलीग्राफ एक्ट-1885 के तहत प्रतिबंधित है। इसके उल्लंघन पर जुर्माना, तीन साल जेल या दोनों दंड का प्रावधान है। इसके लिए भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय और देश में काम करने वाली एजेंसियों के लिए सख्त नियम बना रखे हैं। 24 जुलाई को गाजियाबाद पुलिस ने हापुड़ जिले के निवासी बृजभान नाम के आरोपी को पकड़कर पूछताछ की तो उसने बस्ती जेल से संचालित हो रहे इस गिरोह के बारे में खुलासा किया।  
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