बस्ती। सराफा व्यापार पर विदाउट इनपुट क्रेडिट एक प्रतिशत, इनपुट क्रेडिट
पर साढ़े 12 प्रतिशत तक एक्साईज ड्यूटी लगाए जाने और दो लाख रुपये से अधिक
की खरीद पर पैन कार्ड की अनिवार्यता के विरोध में बुधवार को सराफा
कारोबारियों ने दुकानें बंद रखीं।
सराफा व्यापारियों का कहना है कि
इसके चलते करीब चालीस लाख रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। तीन मार्च को
सांसद हरीश द्विवेदी का घेराव कर ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया।
राष्ट्रीय
सर्राफा एसोसिएशन और प्रांतीय एसोसिएशन के आह्वान पर सर्राफा कारोबारियों
ने एक्साइज ड्यूटी बढ़ाए जाने के विरोध में दो से चार मार्च तक दुकान बंद
रखने का निर्णय लिया था। इसके पहले दिन बुधवार को शहर समेत गांवों में भी
सराफा की दुकानें बंद रहीं।
जिलाध्यक्ष कुंदनलाल वर्मा ने बताया
शहर में 300 के करीब सराफा कारोबारियों की दुकानें हैं, जबकि ग्रामीण
क्षेत्रों को मिलाकर यह संख्या एक हजार के आसपास है। बताया कि हर दिन करीब
चालीस लाख रुपये का कारोबार होता है। बंदी से कारोबारियों के साथ ही सरकार
को भी नुकसान उठाना पड़ा है।
भटके लोग
मांगलिक सीजन की वजह से
बुधवार को सराफा कारोबार बंदी की जानकारी न होने से बाजार में बहुत से लोग
आभूषणों की खरीदारी को भटकते रहे। गांधीनगर, पुरानी बस्ती में दुकानों की
बंदी होने से लोग परेशान रहे। हालांकि बुधवार को यहां पर साप्ताहिक बंदी
होती है। लेकिन फिर भी इक्का-दुक्का दुकानें खुली रहती हैं। मगर आज सारी
दुकानें बंद रहने से लोग निराश हुए।
चार मार्च तक बंदी जारी रहेगी
बस्ती।
सराफा कारोबारियों ने जिलाध्यक्ष कुंदनलाल वर्मा के नेतृत्व में बैठक हुई।
इसमें चार मार्च तक बंदी जारी रखने का निर्णय लिया गया। साथ ही तीन मार्च
को भाजपा सांसद हरीश द्विवेदी का घेराव कर ज्ञापन सौंपने की सहमति बनी।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार स्वर्ण व्यापारियों पर 1973 गोल्ड कानून की तरह
काला कानून लादने का प्रयास कर रही है। इसे सहन नहीं किया जाएगा।
बैठक में विश्वनाथ वर्मा, रामकृष्ण सोनी, विश्वनाथ सोनी, राजेंद्र सोनी,
पेड़ालाल सोनी, श्याम सर्राफ, रामानंद सोनी, दुर्गा सोनी, गुड्डू सोनी,
डब्बू गुप्ता, गोपाल सर्राफ, जगन्नाथ सर्राफ, मुकर्रम अली, श्रवण कुमार,
अष्टभुजा, जितेंद्र सोनी, रजनीश गुप्ता, मनोज कुमार, मोहनलाल सोनी, जवाहर
लाल वर्मा, सतीश सोनी, जमील अहमद, शिवेंद्र वर्मा, मुरारीलाल, बब्लू सोनी
आदि मौजूद रहे।