बस्ती। भारतीय स्टेट बैंक कोर्ट एरिया में बुधवार की दोपहर कृषि विभाग के
एक कर्मचारी को बैंक के अंदर लिपिक के कुर्सी पर बैठे एक व्यक्ति ने बेवकूफ
बनाकर सनसनीखेज ढंग से 1.62 लाख रुपये ले लिए और भाग निकला। घटना की
जानकारी होने पर पहुंची पुलिस और बैंक कर्मी सीसीटीवी फुटेज खंगालने में
जुटे हुए हैं।
राजकीय कृषि बीज गोदाम छावनी के गोदाम प्रभारी
अरविंद वर्मा बुधवार की दोपहर विभाग का 1.62 लाख रुपये एसबीआई कोर्ट एरिया
में जमा करने आए थे। वह बैंक के अंदर सीधे अंतिम छोर पर स्थित हेड कैशियर
के सामने स्थित काउंटर के बाहर खड़े होकर रुपये जमा करने के बजाए काउंटर के
अंदर चले गए।
वहां एक व्यक्ति लिपिक के काउंटर पर बैठा था। उसने
अरविंद वर्मा से रुपये ले लिया। उसे गिनने के बाद जमा पर्ची पर बैंक की
मुहर लगाने के बाद हस्ताक्षर भी किया। इसके बाद उसने कहा कि चालान की कॉपी
कैशियर के पास मिलेगी। बाहर बैठें, अभी चालान की कॉपी लेकर आता हूं।
इतना
कहकर वह कैशियर के पास जाने के बजाए बैंक से बाहर की ओर जाने लगा तो
अरविंद वर्मा को शक हुआ। वह उसके पीछे भागे और चिल्लाए, मगर कोई कुछ समझ
पाता, इससे पहले ठग बैंक के बाहर खड़ी एक सफेद रंग की कार में बैठक कर भाग
निकला।
इस सनसनीखेज घटना के बाद बैंक में अफरातफरी मच गई। घटना की
सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने पीड़ित से घटना के
संबंध में पूछताछ की। इसके बाद सिविल लाइंस चौकी प्रभारी अरविंद कुमार
मौर्य, जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक और बैंक के कर्मचारी शाखा
प्रबंधक के कक्ष में सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुट गए।
तीन कैमरे खराब
बैंक
में लगे तीन सीसीटीवी कैमरे खराब बताए जा रहे हैं। इनमें वह भी कैमरा खराब
है, जो घटना वाले काउंटर की निगरानी करता है। ऐसे में यह पता करना मुश्किल
हो रहा है कि बैंक कर्मी बनकर लिपिक की कुर्सी पर बैठा व्यक्ति कौन था।
उसका हुलिया क्या था। उसके आसपास कौन कौन से लोग थे।
खुल गई बैंकों के चेकिंग की कलई
पुलिस
हर माह बैंकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच का दावा करती है, मगर इस
सनसनीखेज घटना ने बैंकों में पुलिस की होने वाली जांच की कलई खोल कर रख दी
है। इस घटना से साबित हो गया कि पुलिस बैंकों की चेकिंग के नाम पर महज
खानापूरी करती है, वरना बैंक के सीसीटीवी कैमरों की खराबी की बात जरूर
सामने आती।
घटना से साफ जाहिर होता है कि बैंक में लापरवाही बरती गई
है। काउंटर के अंदर कोई स्टाफ की कुर्सी पर बैठकर खुुद को बैंक का कर्मी
बताकर रुपये जमा करना, मुहर लगाना और बाद में रुपये लेकर भाग जाना, निश्चित
तौर पर बड़ा मामला है। पुलिस मामले की जांच कर जवाबदेही तय करेगी। -रोहित
मिश्र, एएसपी, बस्ती