बस्ती। पुलिस वालों के लिए सोमवार का दिन न्यायिक दृष्टि से खराब गुजरा। दरोगा सहित दो सिपाहियों को आजीवन कारावास की सजा के अलावा कई मामलों में कोर्ट ने दो दारोगा को तलब कर लिया। एडीजे अजय कुमार शाही की अदालत ने लाॅकअप में हुई मौत के मामले में एक दरोगा सहित दो सिपाहियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक को बीस बीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
शासकीय अधिवक्ता अब्दुल शमद ने अदालत को बताया कि दुबौलिया थाना क्षेत्र के विशुनदासपुर गांव के नागेंद्र सिंह को एक मामले में 14 मई 2011 को पुलिस पकड़ लाई थी। पुलिस ने नागेंद्र सिंह को इतना मारा पीटा की उसकी मौत लाॅकअप में हो गई। इस मामले में मृतक के भतीजे रजनीकांत सिंह ने दरोगा छोटन यादव, सिपाही प्रभुनाथ यादव व ओमप्रकाश यादव के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय ने आरोपी दरोगा व दोनों सिपाहियों को दोषी मानते हुए सोमवार को सजा सुनाई।
उधर, एसीजेएम प्रथम प्रमोद कुमार गुप्ता की अदालत ने वाल्टरगंज के पूर्व थानाध्यक्ष वीर सिंह और एसआई मान सिंह को मारपीट के मामले में 10 जुलाई को कोर्ट में तलब किया है। वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के नरायनपुर गांव निवासी रजनीश चौधरी ने कोर्ट में अर्जी देकर कहा कि उसकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रही थी। पहली नवंबर 2015 को सल्टौआ में मतगणना के दौरानअवैध मतों के विवाद को लेकर एसओ और एसआई ने पीड़ित को मारपीट कर थाने में बंद कर दिया था। न्यायालय ने मामले को गंभीर मानते हुए दोनो को कोर्ट में तलब किया है।
एसीजेएम प्रमोद कुमार गुप्ता की कोर्ट ने ही एक व्यक्ति को गाली देने और धमकी देने के मामले में पुरानी बस्ती के तत्कालीन एसआई सर्वेश राय को पहली जुलाई को कोर्ट में तलब किया है। पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के रसूलपुर निवासी रमेश ने कोर्ट में अर्जी देकर कहा था कि गांव के ही भगवानदीन को जमीन बैनामा के लिए रुपये दिये थे, मगर जमीन का बैनामा उसने दूसरे को कर दिया। रुपये मांगने के विवाद को लेकर आरोपी पक्ष के बहकावे में आकर दरोगा ने रमेश के साथ अभद्रता की और धमकाया। कोर्ट ने भगवानदीन को पहले ही धोखाधड़ी के मामले में तलब कर रखा है।