बस्ती शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे राजनीतिक होर्डिंग को पुलिस ने उतरवाया।
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बस्ती। शहर में लगी प्रदेश सरकार की नाकामी प्रदर्शित करती होर्डिंग उस समय सुर्खियों में आ गई, जब एक सपा नेता ने आपत्ति दर्ज की। कुदरहा ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि बम्हदेव यादव ने पुलिस अधीक्षक से मुकदमा दर्ज करने का अनुरोध किया। बात तूल पकड़ते देख पुलिस ने आनन-फानन में विवादित होर्डिंग उतरवाया। साथ ही सांसद प्रतिनिधि आशीष शुक्ल, भावेश पांडेय समेत अन्य के विरुद्ध जन भावना भड़काने, शांतिभंग की कोशिश करने के अलावा प्रिंट एंड पब्लिशिंग एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
एसपी कृपाशंकर सिंह ने बताया कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रम और रमजान के मध्य इस तरह के पोस्टर-होर्डिंग लगाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई है, जो अत्यंत गंभीर बात है।
इस प्रकरण से पल्ला झाड़ते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष पवन कसौधन ने कहा कि ऐसे पोस्टर से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है। पार्टी की ओर से ऐसा कोई पोस्टर या होर्डिंग जारी नहीं किया गया है। उधर होर्डिंग में छपी फोटो के आधार पर नामजद किए गए सांसद प्रतिनिधि आशीष शुक्ल ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कुठाराघात बताया। आशीष शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार संवैधानिक तरीके से की जाने वाली निंदा व आलोचना को पुलिस के बल पर दबाना चाहती है।
इस पूरे प्रकरण पर सांसद हरीश द्विवेदी का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रम की तैयारी में वह दिनरात जुटे हैं। ऐसे किसी होर्डिंग की जानकारी नहीं है। किसी ने यदि होर्डिंग के जरिए अपनी अभिव्यक्ति दी है तो यह उसका संवैधानिक अधिकार है। सपा जिलाध्यक्ष राज कपूर यादव ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से लेकर सांसद, सांसद प्रतिनिधि तक के फोटो के बीच सपा सरकार को आपत्तिजनक तरीके से प्रदर्शित किया गया है। इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।