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पॉलिटेक्निक छात्रा का शव पंखे से लटका मिला

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सुसाइड करने वाली रोली। - फोटो : amar ujala
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मानिकचंद (बस्ती)। 
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पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के राजकीय पॉलिटेक्निक से सिविल इंजीनियरिंग कर रही छात्रा का शव कमरे में फंदे के सहारे पंखे से लटका मिला। किराए के मकान में रह रही छात्रा रोली पुत्री जयप्रकाश विश्वकर्मा आजमगढ़ के अतरौलिया बाजार की रहने वाली थी। छानबीन में पुलिस को सुसाइड नोट्स मिले हैं। 
लखनऊ से मौके पर पहुंचे मकान मालिक चंद्रशेखर ने छात्रा के पिता, पुरानी बस्ती थानाध्यक्ष और राजकीय पॉलिटेक्निक के प्रधानाचार्य को फोन कर जानकारी दी। सूचना देते समय चंद्रशेखर ने बताया कि छात्रा बुलाने पर न तो बोल रही है और न ही दरवाजा खोल रही है। अनहोनी की आशंका है। थोड़ी देर में पुरानी बस्ती पुलिस पहुंच गई। खिड़की के पर्दे को डंडे से हटाने पर सभी के होश उड़ गए। छात्रा दुपट्टे के फंदे के सहारे पंखे से लटकी दिखी। एसओ ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। मौके पर पहुंचे सीओ पवन गौतम और फारेंसिक टीम के सामने दरवाजे को तोड़कर शव को नीचे उतारा गया। तलाशी में सुसाइड नोट् मिले हैं। इसे पुलिस ने सुरक्षित कर लिया है। 
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घर आने के लिए मां को किया था फोन 
17 वर्षीय रोली विश्वकर्मा सिविल इंजीनियरिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। राजकीय पॉलिटेक्निक के सामने ही ग्राम विकास अधिकारी चंद्रशेखर के मकान में एक कमरा लेकर अकेले रहती थी। कक्षाएं इस वक्त बंद हैं। रोली की मां बीना ने बताया कि कल शाम को मुझसे और पिता से फोन पर बात की थी कि वह घर आना चाहती थी। बीना ने बताया कि उन्होंने ठंड अधिक होने से आने से मना कर दिया था। सोमवार की सुबह भी फोन से बात हुई। उसने आटा नहीं होने की बात कही तो मैंने कहा कि दो दिन बाद पापा जाएंगे तो ले जाएंगे। 

अज्ञात लड़के ने किया था फोन, बचा लो रोली को 
मां बीना ने पुलिस को बताया कि सुबह करीब 10 बजे किसी लड़के ने रोली के पिता जयप्रकाश के नंबर पर फोन किया था कि तुम्हारी लड़की सुसाइड करने जा रही है, जिसे बचा लो। हड़बड़ाए पिता ने तत्काल बेटी को फोन किया पर मोबाइल बंद मिला। अंत में बेटी के कमरे के ठीक सामने रहने वाली छात्रा को फोन किया तो वह कॉलेज में थी। बोली कि एक घंटे बाद रूम में पहुंचकर रोली से बता दूंगी। कॉलेज के बाद पहुंची दूसरी छात्रा रोली को पुकारने लगी, दरवाजा भी पीटी पर कमरे से कोई आवाज नहीं आई। मकान मालिक की बहू भी दरवाजा खोलवाने का प्रयास कर सफल नहीं हुई। किसी अनहोनी के डर से भाई ओमप्रकाश, बहन पुनीता, भतीजा नीरज, शैलेष और शुभम के साथ मैं पहुंची। 

लखनऊ से पहुंचे मकान मालिक 
रोली का कमरा नहीं खुलने और आवाज भी नहीं आने पर मकान मालिक चंद्रशेखर की बहू ने फोन पर उन्हें जानकारी दी। लखनऊ से पहुंचे चंद्रशेखर से तत्काल रोली के पिता, थानाध्यक्ष पुरानी बस्ती और प्रधानाचार्य को फोनकर अवगत कराया कि लड़की न तो बोल रही है और न ही दरवाजा खोल रही है। 
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परिजनों के सामने उतारा गया शव 
छात्रा रोली के परिजनों के पहुंचने पर दरवाजा तोड़कर फंदे से लटक रही लाश को नीचे उतारा गया। शव नीचे उतरते ही वहां रह रहीं अन्य छात्राएं भी रोने लगीं। महिला पुलिस ने किसी तरह से संभाला। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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