कोर्ट परिसर से भाग चले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर रात में ही न्यायालय में दाखिल कराते दो सिपाही बुरे फंस गए। कोर्ट परिसर में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें चोर समझकर दौड़ा लिया। एक सिपाही तो फरार हो गया जबकि दोनों भागे आरोपी और एक सिपाही को पकड़ लिया गया। न्यायालय परिसर के सुरक्षा कर्मियों ने इसकी सूचना जिला जज,अपर जिला जज तथा एसपी को दी। देर रात तक इस मामले में कोई प्राथमिकी नहीं दर्ज की जा सकी थी। तीनों को कोतवाली में बैठाया गया है।
वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के बासापार गांव के एक 25 साल पुराने मारपीट के मामले में चार आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल किया। इस मुकदमे में दो आरोपी सुरेश चंद्र व देवेन्द्र ने अलग अधिवक्ता से पैरवी कराई। जबकि दो अन्य राम रूचि व केशव प्रसाद के अधिवक्ता दूसरे थे।
सोमवार को कोर्ट ने सुनवाई के बाद चारों आरोपियों को दोषी माना। इनमें से तीन को परिवीक्षा पर छोड़ने का आदेश दिया। जबकि राम रूचि को डेढ़ साल के कारावास की सजा सुनाई गई। अभियुक्त सुरेश चंद्र व देवेंद्र के अधिवक्ता ने अदालत की समस्त औपचारिकताओं को पूरा करके दोनों को रिहा करा लिया। लेकिन दूसरे अधिवक्ता ने सजा पाए अभियुक्त रामरूचि व केशव की जमानत अर्जी ही नहीं पेश की। जिसके फलस्वरूप बिना जमानत के ही वे दोनों भी टहलते हुए निकल गए। इसकी जानकारी होते ही सुरक्षा में लगे सिपाहियों के कान खड़े हो गए। आनन-फानन में मुकामी थाने के सहयोग से सुरक्षा में तैनात सिपाहियों ने रात में ही अभियुक्तों को उनके घर से ही पकड़ लिया। उन्हें कोर्ट परिसर में दाखिल कराने के लिए दोनों सिपाही(कोर्ट मोहर्रिर) बाउंड्री कूदकर दाखिल हो गए।
इसकी सूचना जिला जज अनिल कुमार पुंडीर और नजारत प्रभारी अपर जिला जज अशोक कुमार सिंह के साथ एसपी को दी गई। हरकत में आई पुलिस ने सिपाही जयवीर शाही को हिरासत में ले लिया, जबकि अंधेरे का फायदा उठाकर दूसरा सिपाही विपिन भाग निकला।