बस्ती। उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने के विरोध में युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंकुर वर्मा के नेतृत्व में रविवार को रोडवेज तिराहे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुतला जलाकर कांग्रेस के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार को लोकतंत्र विरोधी बताया।
इसके पहले इस निर्णय के विरोध में केंद्र की मोदी सरकार के विरुद्ध नारा लगाते हुए युवा कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता रोडवेज तिराहे पर पहुंचे और फैसले का खुलकर विरोध किया। अंकुर वर्मा ने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत को 28 मार्च को सदन में बहुमत सिद्ध करना था किंतु उसके ठीक एक दिन पहले राष्ट्रपति शासन का निर्णय लोकतंत्र की हत्या है। कहा कि कांग्रेस इससे डिगने वाली नहीं है। सच तो यह है कि भाजपा इस बात से डरी थी कि हरीश रावत सरकार बहुमत सिद्ध कर ले जाएगी।
इस भय से राष्ट्रपति शासन का सहारा लिया गया। कहा कि मोदी सरकार के इस निर्णय का पांच राज्यों के मतदाता निश्चित रूप से जवाब देंगे। पुतला जलाने वालों में आदित्य त्रिपाठी, अतीउल्ला सिद्दीकी, पवन वर्मा, दुर्गेश त्रिपाठी, सूरज गुप्ता, मो. गुलाम नवी, अर्जुन कन्नौजिया, विक्रम चौहान, जलील अहमद, सूरज भरद्वाज, विशाल चौधरी, पवन अग्रहरि, मंटू पांडेय, अभिषेक शुक्ल, रंजीत चौहान, संतोष भारद्वाज, मो. अरशद, रोहित, सन्नी भारद्वाज, आदर्श पाठक, पवन गौड़, कौशिक सिंह आदि शामिल रहे।
उधर, जिलाध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप पांडेय ने कहा है कि केंद्र की भाजपा सरकार ने उत्तराखंड में बहुमत सिद्ध होने की तिथि से पूर्व राष्ट्रपति शासन लागू कर सिद्ध कर दिया है कि लोकतंत्र और संविधान में उसका कोई विश्वास नहीं है। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप पांडेय ने जारी बयान में कहा कि पहले से ही अंदेशा था कि भाजपा की सरकार लोकतंत्र की हत्या करेगी। अब वह सच सामने आने लगा है। देश के पांच राज्यों में चुनाव चल रहे हैं और निश्चित रूप से वहां के मतदाता इस लोकतंत्र विरोधी फैसले का कड़ा प्रतिकार कर भाजपा के मंसूबों को ध्वस्त करेंगे।
उपाध्यक्ष प्रेमशंकर द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस के शासन में गैरकांग्रेसी सरकारों के साथ कभी कोई भेदभाव नहीं हुआ। यदि ऐसा होता तो मध्य प्रदेश में विकास की गति तेज न होने पाती। दोनों ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए भाजपा विरोधी सभी दलों को एकजुट होना होगा।