बस्ती। लालगंज थानाक्षेत्र के बानपुर के पास नदी में बहती लाश संतकबीरनगर जिले के कोतवाली क्षेत्र के कोलुआ निवासी 18 वर्षीय छात्रा की थी। जिसे मरा समझकर उसके पिता और मामा नदी में फेंक आए थे। पहली दिसंबर को बरामद अज्ञात लाश की शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने हत्या करने के आरोप में पिता और मामा को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त कार भी पुलिस ने बरामद कर ली, जिसमें लादकर शव नदी तक लाया गया था।
एसपी दिलीप कुमार ने बृहस्पतिवार को प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि पूछताछ में दोनों आरोपियों ने जुर्म कबूल किया है। आरोपी पिता विजय कुमार राय उर्फ झिनकू ने पुलिस को बताया कि 29 नवंबर को उसकी लड़की चंचल उर्फ कालिंदी स्कूल से आई। स्कूल में बकाया 1600 रुपये फीस न जमा होने को लेकर जिद करने लगी। जब कहने लगी कि स्कूल से नाम काट दिया जाएगा तो पिता ने 30 नवंबर को आठ सौ रुपये जमा किए। उस दिन भी वापस घर आने पर वह पूरी फीस जमा न करने के कारण फिर विवाद करने लगी। रुपये के कारण काफी परेशान पिता ने गुस्से में उसका गला दबा दिया। इससे वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गई। आरोपी पिता विजय ने बताया कि उसने अपने साले अमरनाथ पाण्डेय निवासी चित्राखोर थाना लालगंज को इसकी जानकारी दी। अमरनाथ अपने ड्राइवर गोपाल चौधरी व बहनोई को साथ लेकर कोलुआ गया। बेहोश पड़ी चंचल उर्फ कालिंदी को लादकर 10 बजे रात्रि में बानपुर के पास पुल के ऊपर से नदी में फेंक दिया। चालक को पुलिस अभी खोज रही है। उधर, पहली दिसंबर को बानपुर के आसपास लोगों ने बोरे में भरा शव बहते देखकर पुलिस को सूचित किया था। लालगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक राजेश मिश्र के अनुसार शव के पोस्टमार्टम में गला दबाने के साक्ष्य मिले। मौत की वजह सांस न ले पाना बताया गया, हालांकि डूबकर मरने के भी संकेत पोस्टमार्टम में मिले थे। इससे पुलिस को शक है कि बोरे में भरते वक्त जिंदा रही होगी। एसपी ने ब्लाइंड मर्डर के सटीक वर्कआउट करने पर लालगंज थाने की टीम को शाबासी दी है। साथ ही नकद पुरस्कार भी देने का एलान किया। इस दौरान एएसपी पंकज भी मौजूद रहे।