लालगंज थाना क्षेत्र मे गोली चलने पर मौके पर पहुची पुलिस फोर्स।
ट्रॉली देने से इन्कार करने पर लालगंज थानाक्षेत्र के गौरा धुंधा गांव के गल्ला व उर्वरक व्यवसायी के घर दबंगों ने हमला बोल दिया। असलहे से लैस होकर गाली देते हुए व्यवसायी लालजी अग्रहरि के घर पहुंचे तो उन्हें आते देख परिवार के लोग जान बचाने के लिए घर के अंदर भागे। आरोप है कि दबंग फायरिंग करते हुए घर के भीतर दाखिल हो गए। वहां भी गोलियां दागी। सूचना के बावजूद पुलिस के पहुंचने में देर होने से गांव के लोग गुस्साए सड़क पर बैठ गए। हालांकि थानाध्यक्ष अवधेश राज सिंह के पहुंचने के बाद उन्हें समझा कर हटाया गया।
गौराधुंधा गांव के लालजी अग्रहरि गल्ले व खाद के व्यापारी हैं। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने लालजी की तहरीर का हवाला देते हुए बताया कि बुधवार को सुबह लालगंज थानाक्षेत्र के तेनुआ गांव के हरेंद्र पाल इनके घर ट्राली मांगने पहुंचे। खुद की जरूरत बताकर लालजी के भाई ने उसे ट्रॉली देने से इन्कार कर दिया। जिससे झुंझलाए हरेंद्र पाल धमकी देते हुए घर गए। कुछ देर बाद अपने भाई बालेंद्र व दो अन्य लोगों के साथ नाजायज असलहे से लैस होकर पहुंचे और गोली चलाने लगे। जान बचाकर वह लोग भागकर घर में घुसे तो हमलावर वहां भी पहुंच गए। गांव में दहशत फैल गई। जाते समय ये लोग दरवाजे पर खड़ी ट्राली भी ट्रैक्टर में जोड़कर लेते गए। एसपी ने बताया कि हत्या के प्रयास, जोर-जबरदस्ती संपत्ति हड़प लेने आदि धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
दूसरी ओर हमले के आरोपी हरेंद्र पाल ने एसपी समेत उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर दूसरे पक्ष पर फायर करने का आरोप लगाया है। कहा है कि लालजी अग्रहरि से तीन हजार रुपये में भूसा देने की बात हुई थी। जब 10 दिन बाद भी भूसा नहीं पहुंचाया गया तो जानकारी करने गौरा धुंधा गए थे। जहां कहासुनी के दौरान लालजी पक्ष ने कट्टे से फायरिंग की। भागकर किसी तरह जान बचाई। बता दें कि, 2004 में भी लालजी पर महादेवा पेट्रोलपंप के पास जानलेवा हमला हुआ था। उसमें भी इसी गांव के कुछ लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ था लेकिन बाद में समझौता हो गया था।