अपहरण किए गया विक्रम सिंह व बाबा एसओ के साथ।
ससुर से तीन लाख रुपये एंठने के लिए क्षेत्र के कसैला बाबू निवासी महिला ने अपने ही बेटे का फर्जी अपहरण करा दिया। सात वर्ष के बेटे को प्रेमी के साथ भेज करके जालसाज महिला ने थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस जब खोजबीन करने लगी तो सारी कहानी खुलकर सामने आ गई।
14 जुलाई की सुबह आटा चक्की पर पीसने के लिए गेहूं रखने की बात कहकर घर से निकले सात वर्षीय विक्रम सिंह की मां ने देर शाम पुलिस को सूचना दी कि उसके बेटे का अपहरण कर लिया गया। पुलिस अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर बच्चे का पता लगाने में जुट गई। अगले दिन यानी 15 जुलाई को देर शाम बच्चे के दादा श्याम पाल सिंह की मोबाइल पर अपहर्ता का तीन लाख की फिरौती के लिए फोन आया। मगर मोबाइल का डिस्प्ले खराब होने से नंबर नहीं देख पाए।
श्याम पाल सिंह ने बच्चे की मॉ ममता सिंह ऊर्फ मीनू को जब यह वाकया बताया तो वह ससुर पर रुपये के इंतजाम का दबाव बनाने लगी। वह चाहती थी कि ससुर उसे रुपये दे दें और वह खुद बच्चे को छुड़ाने जाए। उसकी इस बात पर ससुर को शक हुआ और उसने पूरी बात एसओ जयदीप दूबे को बताया। बकौल जयदीप जब ममता सिंह की मोबाइल का काल डिटेल निकाला गया तो पता लगा कि लड़के की मां गोरखपुर जिले के बॉसगांव वार्ड नं. 12 निवासी दीपू उर्फ अनिल सिंह के लगातार संपर्क में है। जो अक्सर इनके घर आता जाता था। रविवार को पुलिस टीम बासगांव पहुंची। जहां से दीपू सिंह के कब्जे से बच्चे को बरामद किया।