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किशोरी का मोबाइल खोलेगा हत्या का राज

Mon, 23 May 2016 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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युवती के परिवार के लोग । - फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। मुहम्मदपुर गनेशपुर में किशोरी की हत्या का राज घर वालों के पास से मिला मोबाइल बताएगा। काल डिटेल की पुलिस जांच कर रही है। वैसे पुलिस मामले की तह तक पहुंच चुकी है और उसे हत्यारे के बारे में पता चल चुका है। आशंका है कि किशोरी गर्भवती थी, मगर इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में  हो पाएगी।
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 किशोरी खुशबू की छोटी बहन रेखा ने बताया कि सोमवार रात परिवार के सभी लोग घर के बाहर सो रहे थे। वह खुशबू के साथ ही सोयी थी। देर रात में अचानक खुशबू का फोन बिस्तर से गिर गया, जिसे उठाने के लिए वह चारपाई से नीचे उतरी और कहीं चली गई। रेखा ने बताया कि खुशबू अक्सर बाहर ठंड होने की बात कह कर कमरे के आगे झोपड़ी में पड़ी चारपाई पर सोने चली जाती थी। रात में भी उसे ऐसा ही लगा कि खुशबू झोपड़ी में सोने चली गई है।

भोर में तीन बजे के करीब उसकी आंख खुली तो उसने देखा कि उसके माता-पिता रो रहे है। कमरे में खुशबू की लाश पड़ी है। दिवंगत खुशबू के मां बाप यही कह रहे हैं कि उन्हें कुछ नहीं पता। खुशबू के चिल्लाने की आवाज पर उनकी नींद टूटी। घर में देखा तो वह जल रही थी। पुलिस को खुशबू की मोबाइल भी दे दी है। पुलिस मोबाइल के जरिए किशोरी के हत्यारों तक पहुंचने की कोशिश में लग गई है।
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प्रभारी निरीक्षक रमाकांत यादव ने कहा कि स्थितियां  साफ है। किशोरी के माता-पिता ने जो जानकारी दी है उसी पर पुलिस आगे बढ़ रही है। गांव के ही एक शादीशुदा युवक से किशोरी का नाजायज संबंध था। घटना के केंद्र में उसी युवक को बताया जा रहा है। 

घटना में दो लोग थे
बस्ती। शव की स्थिति देखने के बाद फोरेंसिक टीम के एक सदस्य ने बताया कि किशोरी की जीभ बाहर निकली है, इससे स्पष्ट हो गया कि उसे गला दबाकर मारा गया है। इसके बाद उसके शव को बाहर जलाकर उसके कमरे में रखा गया है। जिस बारीकी से कमरे में शव ले जाया गया है, उससे लगता है कि उसके शव को कम से कम दो लोगों ने उठाकर कमरे में रखा है। क्योंकि जमीन पर शव को घसीटे जाने के निशान नहीं मिले है।

रहने को कायदे का मकान भी नहीं 
बस्ती। शेरबहादुर मेहनत मजदूरी कर अपने बच्चों का पेट पालता था। पत्नी सितारा देवी, बड़ी बेटी खुशबू, छोटी बेटी 11 वर्षीया रेखा, बेटा छह वर्षीय अमरजीत व सबसे छोटी बेटी चार वर्षीय सपना के साथ वह कच्ची दीवारों पर पर टीन शेड डालकर रहता था। इधर कुछ दिनो से शेर बहादुर की तबियत खराब चल रही थी, ऐसे पत्नी आस पास के लोगों के घर बर्तन साफ कर बच्चों का पेट पालती थी। पुलिस का मानना है कि गरीबी का दंश झेल रहे इस परिवार की बड़ी बिटिया खुशबू पर पड़ोस के ही एक युवक की नजर पड़ गई और वह उसके झांसे में आ गई।
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