लालगंज थाना क्ष्रेत्र मे नौ लाख रूपये की लूट मे शामिल रामशंकर और राम सहाय को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
बिल्डिंग मैटीरियल एजेंसी के मुनीम से साढ़े नौ लाख की लूट करने वाले इनामी बदमाश राम सहाय का दाहिना हाथ कहे जा रहे राम शंकर को भी पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दबोच लिया। तिवारी गैंग की अंतिम कड़ी राम शंकर के भी गिरफ्त में आ जाने से न केवल बस्ती बल्कि आसपास के कई जनपद की पुलिस ने राहत की सांस ली। दोनों के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस व लूट का अन्य सामान भी बरामद किया गया है। एसपी नेबताया कि इस गैँग पर गैँगेस्टर के तहत कार्रवाई की जाएगी।
एसपी कृपाशंकर सिंह ने रविवार को प्रेसवार्ता में कहा कि घटना के बाद यह दोनों काफी दिनों तक बाहर शहरों में घूमते रहे। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के संपर्क में भी यह दोनों आए लेकिन उनकी कार्य संस्कृति रास न आने पर उनसे अलग हो गए। एसपी के अनुसार वांछित व इनामिया अपराधियों की धर-पकड़ के लिए एएसपी रोहित मिश्र के पर्यवेक्षण व सीओ सदर/क्राइम एसएन सिंह के नेतृत्व में अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत लालगंज थाने में 20 अप्रैल 2013 को साढ़े नौ लाख की लूट का अभियुक्त रामसहाय व उसके साथी रामशंकर को गिरफ्तार कर लिया गया।
तत्कालीन एसपी आनंद कुलकर्णी ने मई 2013 में घटना का पर्दाफाश किया था। जिसमें चार अभियुक्त रामखुशी तिवारी निवासी भरगवां व तिलकराम निवासी गोनिया थाना हरैया के अलावा मुखबिरी करने वाले शिवसागर यादव निवासी भेैसही थाना महुली और नरसिंह निवासी धौरहरा थाना महुली जनपद संतकबीर नगर पकड़े गए लेकिन दो मुख्य आरोपी रामसहाय सोनकर व रामशंकर फरार हो गए। राम सहाय पर डीआईजी ने 10 हजार व राम शंकर पर पांच हजार रुपये इनाम घोषित किया था।