रूनीखेत गांव में एक युवक ने कमरे में मिट्टी का तेल डालकर अपनी पत्नी को जलाने का प्रयास किया। आरोपी युवक ने अपने दो मासूम बच्चों को भी घर से उठाकर खेतों में फेंक दिया। भारी बारिश के बीच थाने पहुंची महिला की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दूसरे मामले में 10 दिन पहले ही जेल से छूटा था।
कोतवाली पुलिस के अनुसार रूनीखेत निवासी भूपेंद्र सिंह ने शनिवार शाम को घर में अपनी पत्नी मंजू और बच्चों के साथ मारपीट की। विरोध करने पर उसने कमरे में रखे कपड़ों में मिट्टी का तेल डालकर अपनी पत्नी को जलाने का प्रयास किया, जबकि दो मासूम बच्चों गोलू, रोशनी को घर से उठाकर खेतों में फेंक दिया लेकिन खेतों के गीला होने से बच्चों को चोट नहीं लगी। स्थिति को भांपकर मंजू किसी तरह से स्वयं को अपने पति के चंगुल से छुड़ाकर कमरे से बाहर निकली और भारी बारिश के बीच भागकर जान बचाई।
बच्चों के साथ थाने पहुंचकर उसने रिपोर्ट लिखाई। पुलिस ने भूूपेंद्र के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 504, 506, 427, 436 के तहत मुकदमा कायम किया। पुलिस ने आरोपी भूपेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय के आदेश पर रविवार को उसे जेल भेज दिया गया। विवेचनाधिकारी एसएसआई प्रतिमा भट्ट ने बताया कि आरोपी भूपेंद्र पड़ोसी के घर में घुसने के आरोप में करीब डेढ़ माह से जेल में बंद था। करीब 10 दिन पहले ही वह जेल से छूटा था। कुछ ग्रामीणों ने भूपेंद्र की दिमागी हालत कमजोर बताई है। इस घटना से गांव में दहशत का माहौल है।