शौचालय के मद में तीन साल में किए गए खर्च का हिसाब-किताब न देने और उसकी एमआईएस फीडिंग (सूचना तंत्र प्रबंधन) न करने के आरोप में डीपीआरओ गोपालजी ओझा ने 14 सहायक विकास अधिकारी पंचायत को नोटिस जारी किया है। डीपीआरओ ने इसे धरकारी धन के गबन की श्रेणी में मानते हुए कार्रवाई करने की बात कही है।
डीपीआरओ ने बताया कि एमआईएस फीड न होने से यह पता ही नहीं चलता कि धन कितना खर्च हुआ है। कहते हैं कि इससे पता चलता है कि या तो धन निकाल कर उसका दुरुपयोग कर लिया गया या फिर कागज में शौचालयों का निर्माण दिखा दिया गया। बताया कि इसकी मॉनीटरिंग करना एडीओ पंचायत की जिम्मेदारी है। वह ऐसा नहीं करते हैं तो माना जाता है कि सरकारी धन के दुरुपयोग में उनकी भी सहमति है। बताया कि एडीओ के साथ संबधित सेक्रेटरी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिन एडीओ पंचायत को नोटिस जारी किया गया है, उनमें सदर ब्लॉक, दुबौलिया, हर्रैया, बहादुरपुर, विक्रमजोत, परशुरामपुर, सल्टौआ, रुधौली, साऊंघाट, कप्तानगंज, कुदरहा, बनकटी और रामनगर के एडीओ पंचायत शामिल हैं।