कप्तानगंज। कोचिंग जा रहे 17 वर्षीय छात्र सत्यम की अचानक मौत होने से कस्बे में कोहराम मच गया। दोस्त से बाजी लगाकर दौड़ते समय हुई इस घटना से हत्प्रभ किशोर के परिवार वालों को इस पर तब यकीन हुआ,जब जिला अस्पताल के डाक्टरों ने पुष्टि की।
घटनाक्रम के अनुसार शनिवार दोपहर करीब एक बजे कस्बे के सुभाष मोदनवाल का बेटा सत्यम (17) वहीं के शत्रुुघ्न पुत्र सत्यम (दोनों का नाम एक) के साथ घर से करीब एक किमी दूर कोचिंग जा रहे थे। कस्बे के बाहर गौरा गांव के पास पहुंचने पर दोनों शर्त लगाकर दौड़ने लगे। दोस्त की मृत्यु से बौखलाए दूसरे सत्यम ने बताया कि कुछ दूर जाने पर सत्यम लड़खड़ाकर गिर गया। उसने देखा तो लौटकर उसे उठाया।
उठकर वह दोबारा दौड़ने तो लगा मगर बमुश्किल 50 मीटर जाकर फिर गिर गया और वहीं उसकी मौत हो गई। हालांकि किसी को यकीन नहीं हुआ कि इस तरह मृत्यु हुई होगी, इसलिए उधर से गुजर रहे राहगीरों की मदद से आटो पर लादकर उसे सीएचसी ले जाया गया,जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बावजूद इसके परिवार के लोगों के गले तब यह बात उतरी,जब जिला अस्पताल में भी उसे मृत करार दे दिया गया।
तीन बहनों से छिना भाई
कस्बे में चाय की दुकान करके परिवार पाल रहे सुभाष का यह पुत्र अपनी तीन बहनों में इकलौता भाई था। परिवार में एकमात्र बेटा होने के नाते वह सबकी आंख का तारा था। बड़ी बहन अलका (18) से वर्ष भर छोटे सत्यम के लिए उसकी छोटी बहन निधि और मानसी भी जान छिड़कती थी। घटना से विह्वल माता अन्नपूर्णा बेसुध होकर पड़ी हैं। पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
पेट निकल रहा,लगाया करो दौड़
अपने जिगरी यार सत्यम स्लिम बनाने के लिए दौड़ लगाने की बात सत्यम के दिमाग में आई। एक दिन पहले उसने मजाक में कहा कि तुम्हारा पेट निकल रहा है, इसलिए रोज दौड़ लगाया करो। वह रोज कोचिंग भी नहीं जाता था। इसके लिए भी उसने उसी समय दोस्त को लताड़ा था। बावला होकर इधर-उधर घूम रहे दूसरे सत्यम ने बताया कि दोनों ने घर से निकलने के बाद एक दुकान पर समोसे खाए। जिसके बाद आगे जाकर दोनों दौड़ने लगे। बकौल सत्यम उसके दोस्त से कुछ देर पहले मोबाइल खरीदने की बात हो रही थी। जिस पर उसने इसके लिए सौ रुपये की मदद भी करने को कहा था। मगर इस घटना की उम्मीद किसी को नहीं थी।