करनाल। क्रांतिकारी राष्ट्रसंत मुनिश्री तरूण सागर ने कहा कि संत मानव के खोट दूर करने का काम करते हैं। संत आईना होते हैं, जो आपके भीतर की बुराइयों को समाप्त करचेतना को जगाते हैं। संत मानव को उसकी असली पहचान बताते हैं। जीवन में विवादों से बचने का प्रयास करें। कोशिश करें कि बेवजह और बेबुनियादी बातों का जवाब न दें। इससे झगड़ा बड़ता है।
90 प्रतिशत बातें ऐसी होती है, जो बेबुनियादी होती है और इन पर बहस करने से झगड़ा बढ़ जाता है। जब क्रोध आए तो एक से 11 तक गिनती पढ़ें। इससे आपका क्रोध कम हो जाएगा और आप सोच समझकर फैसला कर सकेंगे। जीवन में सफलता और आगे बढ़ने के लिए परिवर्तन जरूरी है। उन्होंने कहा कि संतों ने भगवान के लिए संसार छोड़ दिया और आप लोग संसार के लिए भगवान को भूल जाते हैं। संतों के प्रवचन सुन कर उन पर अमल भी जरूर करें। एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकालने का काम कदापि न करें। संतवाणी ही आपके जीवन में सुधार कर सार्थक बनाती है।
मंच संचालन ब्रह्मचारी सतीश ने किया। कार्यक्रम की शुरूआत डिप्टी मेयर मनोज वधवा, जेल अधीक्षक शेर सिंह, नगर निगम के ईओ धीरज कुमार ने दीप प्रज्जवलित करके की।
अतिथियों ने तरूणसागर से आशीर्वाद लिया। सुरेश गुप्ता मतलौडा, प्रधान निर्दोष जैन, प्रदेश प्रवक्ता किशोर नागपाल ने राष्ट्रसंत तरूणसागर की आरती वंदना की। प्रधान निर्दोष जैन ने जेल अधीक्षक शेर सिंह व उनकी धर्मपत्नी को स्मृति चिह्न भेंट कर स मानित किया।
इस अवसर पर श्री दिगंबर जैन सोसाइटी मिठ्ठन मोहल्ला करनाल प्रधान निर्दोष जैन, वीरेश जैन, विनोद गुप्ता, कृष्णलाल सचदेवा, बंसीलाल सचदेवा, किशोर नागपाल, अक्षित, लक्ष्मण पांडे, राम कुमार गुप्ता, दिनेश कुमार जैन, दीपक कुमार जैन, सुशील जैन, राजकुमार जैन, जिनेंद्र जैन, शशीकांत जैन, जोशिल जैन व राकेश जैन आदि मौजूद थे।
श्रद्धालुओं का लगा तांता
कड़वे प्रवचन सुनने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। हरियाणा के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंचे और तरूणसागर से आशीर्वाद लिया। श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। समय से पहले ही श्रद्धालु कार्यक्रम स्थल पर पहुंचना शुरू हो जाते हैं और तरूणसागर के आगमन के समय पांडाल खचाखच भर जाता है।