परिषदीय विद्यालयों की परीक्षाओं
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बस्ती। लखनऊ में आयोजित धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए स्कूल में व्यक्तिगत ताला लगाना हेडमास्टर को महंगा पड़ा। बीएसए डाॅक्टर संतोष कुमार सिंह ने शुक्रवार को हेड मास्टर राम उग्रह को निलंबित कर दिया।
यह कार्रवाई सहायक अध्यापक अंशु शुक्ला और चक्रपाणि पांडेय की शिकायत पर ब्लॉक सह समन्वयक अजय श्रीवास्तव से जांच कराने के बाद की गई। मामला सल्टौआ गोपालपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर से जुड़ा हुआ है। अमर उजाला ने इस मामले को 18 मार्च के अंक में प्रमुखता से उठाया था। खबर का संज्ञान लेकर बीएसए ने कार्रवाई की।
बीएसए ने बताया कि बुधवार को उन्हें यह सूचना मिली कि हेड मास्टर ने धरने में भाग लेने के लिए स्कूल में व्यक्तिगत ताला लगा दिया है। स्कूल बंद है, और बच्चे परीक्षा देने के इंतजार में स्कूल के बाहर हैं। बीएसए ने बताया कि इस पर उन्होंने सहायक अध्यापक अंशु शुक्ला और चक्रपाणि पांडेय को ताला तोड़कर परीक्षा कराने का निर्देश दिया। साथ ही परीक्षा सकुशल संपन्न कराने के लिए स्कूल पर न्याय पंचायत शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र मणि त्रिपाठी को भेजा।
बताया कि बृहस्पतिवार को जब उन्हें फिर इस बात की शिकायत मिली कि कुछ शिक्षक नेता ताला तोड़वाकर परीक्षा कराने वाले दोनों सहायक अध्यापकों के साथ बदसलूकी कर रहे हैं तो उन्होंने एबीआरसी अजय श्रीवास्तव को मामले की जांच के लिए स्कूल भेजा। बताया कि जो रिपोर्ट उन्हें दी गई है, उसमें ताला लगाने के लिए हेड मास्टर को जिम्मेदार माना गया। बीएसए ने बताया कि नियमानुसार परिषदीय परीक्षा के दौरान आपात काल को छोड़कर अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाता है।
बीएसए ने बताया कि परीक्षा से संबंधित पेपर हेड मास्टर के पास रहता है। इसलिए और आवश्यक हो जाता है कि परीक्षा के दौरान हेड मास्टर हर हाल में स्कूल में मौजूद रहेंगे। बीएसए डाॅक्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि धरने पर जाने के लिए जिले के किसी भी शिक्षक को अवकाश नहीं दिया गया।