एक ही पोखरे का नाम बदलकर खुदाई के नाम पर पांच लाख रुपये से अधिक के गोलमाल कर लेने का मामला सामने आया है। डीएम ने सीडीओ को प्रधान और सेक्रेटरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने और अन्य आरोपों की जांच कराने का आदेश दिया है। मामला सल्टौआ ब्लॉक की ग्राम पंचायत बंजरिया का है।
बंजरिया गांव के रघुपति की शिकायत पर चार माह पहले डीएम के आदेश पर अर्थ एवं संख्याधिकारी ने जांच की। कार्रवाई के लिए भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया था कि डुमरी में 19 मई 2015 को ओड़े जंगल सरहद पर पोखरे की खुदाई पर 1,84,828 रुपये खर्च किए गए थे। दोबारा फिर एक मई 2017 को डुमरी में ही हीरालाल के खेत के बगल उसी तालाब का नाम बदलकर खुदाई दिखाई गई, जिसमें 3,49,825 रुपये का भुगतान हो गया। दोनों बार भुगतान हो गया। जांच के दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी जितेंद्र अरोरा और प्रधान प्रतिनिधि ने स्वीकार किया कि नाम बदलकर पोखरे की खुदाई पर धन निकाल लिया गया। इस रिपोर्ट के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो शिकायकर्ता डीएम के पास पहुंचा और उनसे कार्रवाई करने और अधूरी जांच को पूरा कराने की मांग की। डीएम अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि चूंकि जांच में सरकारी धन का गबन करना साबित हो चुका है, इसलिए प्रधान और सेक्रेटरी पर प्राथमिकी दर्ज करने और अधूरी जांच को पूरा करने का आदेश सीडीओ को दिया गया है।