बस्ती। सदर तहसीलदार पर आवास दिलाने के नाम पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाने
वाली महिला ने कमिश्नर से जानमाल की गुहार लगाई है। कहा है कि एक तो
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी पुलिस तहसीलदार को गिरफ्तार नहीं कर रही है,
ऊपर से उस पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है।
जान से
मार देने की धमकी तक दी जा रही है। उसके एनजीओ पर अनर्गल आरोप लगाकर उसे
परेशान किया जा रहा है। महिला ने कमिश्नर से तहसीलदार की गिरफ्तारी और
जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। इस पर कमिश्नर पीके सिंह ने डीएम को
जांचकर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
कमिश्नर से की गई शिकायत में
पीड़ित महिला ने कहा कि वह किराए के मकान में रह रही है। उसके पास कोई आवास
नहीं है। बताया कि कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने के बाद से तहसीलदार और
उनके सहयोगी केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। यहां तक कि जान से मार
देने की घमकी भी दी जा रही है। महिला ने तहसीलदार की गिरफ्तारी की मांग की
है।
गिरफ्तारी में नियम कानून आड़े आ रहा
बलात्कार के आरोप में
मुकदमा दर्ज हो जाने के बाद भी तहसीलदार की गिरफ्तारी न होने के पीछे नियम
कानून आड़े आ रहा है। एडीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि नियम के तहत किसी
भी सरकारी लोक सेवक को तब तक गिरफ्तार नहीं किया जा सकता जब तक कि आरोप
सिद्ध नहीं हो जाता।