बस्ती। भाकियू की पंचायत में जिला सचिव राजेंद्र प्रसाद चौधरी ने कहा कि किसानों की मांगें जब तक नहीं मान ली जातीं, धरना जारी रहेगा। यदि फिर भी मांगें अनसुनी की गईं तो डीएम का घेराव होगा।
12 सूत्रीय मांगों को लेकर भाकियू की पंचायत शुक्रवार को भी कलेक्ट्रेट पर तीसरे दिन जारी रही। जिला सचिव राजेन्द्र प्रसाद चौधरी के नेतृत्व में पंचायत के दौरान में निर्णय लिया गया कि जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती किसान, मजदूर हक के लिए डटे रहेंगे। चौधरी ने कहा कि किसान, मजदूर अपनी मांगों को लेकर तीन दिन से डटे हैं किन्तु जिला प्रशासन चुप्पी साधे है। यह स्थितियां खतरनाक हैं। यदि शीघ्र वार्ता कर समस्याओं के निस्तारण की दिशा में पहल न हुआ तो जनपद, तहसील, ब्लॉक स्तर के बाद जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इसका पूरा दायित्व जिला प्रशासन का होगा।
राम मनोहर चौधरी, डॉ.आरपी चौधरी, हरिराम किसान, फूलचंद चौधरी, गनीराम चौधरी, घनश्याम, रामफेर, मो. मुर्तजा, ओम प्रकाश आदि ने कहा कि किसान, मजदूर परेशान हैं। चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का करोड़ों बकाया है ऊपर से प्रदेश सरकार झूठे दावे कर रही है कि भुगतान हो चुका है। गेहूं क्रय केन्द्र ठप हैं, आपदा राहत धनराशि का वितरण अधर में है। वक्ताओं ने चेतावनी दी है कि प्रशासनिक अधिकारी भाकियू को आर-पार के आंदोलन के लिए बाध्य न करें।
भाकियू लोकतांत्रिक ढंग से किसानों की मांगों को लेकर तीन दिनों से पंचायत कर रही है किन्तु प्रशासनिक स्तर पर अभी तक वार्ता भी नहीं की गई। यदि किसान उग्र हुआ तो प्रशासन की पूरी जिम्मेदारी होगी। तंत्र किसान, मजदूरों के धैर्य की परीक्षा न ले। पंचायत में राम बहाल, रामतीरथ निषाद, बक्सीर अली, मो. इश्तिहाक, कलाम, रामदेव शर्मा, राम सुरेमन चौधरी, जगदीश यादव, सर्वजीत चौधरी, यशोदा देवी, प्रभावती देवी, सावित्री देवी, केसरा देवी, शीला देवी, कमलावती, दयाशंकर, बुधिराम आदि किसान, मजदूर मौजूद रहे।