दूसरों को सुरक्षित प्रसव की सीख देने वाली आशा बहू की असुरक्षित प्रसव के दौरान मौत हो गई। थोड़ी देर बाद ही उसके नवजात बच्चे ने भी दम तोड़ दिया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अनभिज्ञता जाहिर करके फिलहाल प्रकरण से पीछा छुड़ाने में जुटे हैं। मृतका के पति ने छावनी थाने में तहरीर दी है, जिसमें एएनएम को मां-बेटे की मौत का जिम्मेदार बताया है। एनएएम का कहना है कि ज्यादा खून के बह जाने से प्रसूता की मौत हुई। मामला विक्रमजोत सीएचसी के अंतर्गत आने वाले खतमसराय एएनएम सेंटर का है। पुलिस छानबीन में जुटी है।
विक्रमजोत ब्लॉक के मझौवा दूवे निवासी अनीता पत्नी संतोष कुमार गांव में आशाबहू के तौर पर तैनात थीं। उन्हें दो दिन पहले प्रसव पीड़ा होने पर परिवार वालों ने एनएएम सेंटर खतमसराय में भर्ती कराया। एनएएम मालती तिवारी की देखरेख में उसका प्रसव कराया जा रहा था। पति का कहना है कि जब गर्भवती को बच्चा पैदा होने को हुआ तो एएनएम कहीं चली गईं। वहां सिर्फ अप्रशिक्षित दाई ही थी। उसने लापरवाही से प्रसव करा दिया, जिससे थोड़ी ही देर बाद अनीता की तबियत बिगड़ने लगी। यह सुनकर पहुंची एएनएम ने हाथ से प्रकरण निकलते देख आनन-फानन में फैजाबाद रेफर कर दिया। रास्ते में उसकी मौत हो गई। थोड़ी देर बाद नवजात ने भी दम तोड़ दिया ।