पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के रामसूरत के हत्यारोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
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बस्ती। ससुर रामसूरत बेलदार का बहू को एक अन्य युवक के साथ आपत्तिजनक स्थित में देखने और बार बार ऐसा करने से मना करना ही उसकी मौत का कारण बना। बहू ने ही अपने प्रेमी से मिलकर ससुर को मौत के घाट उतार दिया। मंगलवार को पुलिस ने राम सूरत बेलदार हत्याकांड का पर्दाफास कर मृतक की बहू मीरा समेत दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
घटना का पर्दाफाश करते हुए एसपी कृपाशंकर सिंह ने बताया कि राम सूरत ने अपनी बहू मीरा और राणा को आपत्तिजनक हाल में देखकर काफी जलील किया था। उसने धमकी भी दिया था कि दोबारा यह हरकत दोहराए तो दोनों की गर्दन काट देंगे। राम सूरत कहीं वाकई ऐसा न कर बैठे,इससे पहले दोनों ने उसी को ठिकाने लगा दिया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त छुरी व बाइक बरामद कर लिया।
एसपी ने प्रेसवार्ता में बताया कि संतकबीरनगर जिले के महुली थाना क्षेत्र के साखी गांव निवासी रामसूरत पंजाब में पीतल के कारखाने में काम करता था। राम सूरत बेलदार अपनी बहू मीरा को अपने साथ पंजाब ले जाना चाहता था।लेकिन मीरा,उसका पति रमेश और मीरा का प्रेमी राणा नहीं चाहते थे कि वह पंजाब जाए। 23 जून को राम सूरत पंजाब जाने लगा तो उसने बहू से भी रेलवे स्टेशन पहुंचने को कहा।
कुछ देर बाद बहू भी स्टेशन पहुंची लेकिन उसके साथ उसका प्रेमी राणा भी था। बहू के साथ राणा को देख राम सूरत आग बबूला हो गया। तीनों में बहस होने लगी। बहस करते करते तीनोें स्टेशन से करीब दो किमी दूर हड़िया पुल के पास चले गए। यहीं पर मीरा और उसके प्रेमी ने चाकू से उसके गदर्न और पेट में वार कर रामसूरत बेलदार की हत्या कर दी और शव को ओवर ब्रिज के पास नहर के पास ठिकाने लगा दिया।
एसपी ने बताया कि बेलदार की जेब में मिली पर्ची के आधार पर उसके परिवार वालों को सूचना दी गई। उसके बेटे रमेश ने शव की शिनाख्त अपने पिता के रूप में की थी। पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि होने के बाद अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके तफ्तीश शुरू हुई। मीरा के मोबाइल के काल डिटेल से सभी राज खुलते चले गए। पुरानी बस्ती थाने की पुलिस को एसपी ने पांच हजार रुपये पुरस्कार देने का ऐलान किया है। घटना के पर्दाफास में एएसपी रोहित मिश्र, सीओ सिटी एसएन सिंह की भूमिका सराहनीय रही।