बस्ती। मथुरा के जवाहर बाग में चंदन बोस के आतंक से सभी कांपते थे। वह जवहर बांग कांड के प्रमुख आरोपी रामवृक्ष का दाहिना हाथ था। बस्ती जिले के परशुरामपुर थाना क्षेत्र के कैथौलिया गांव से पत्नी के साथ गिरफ्तार चंदन बोस अपने अन्य साथियों के साथ बाग में रहने वाले जयगुरुदेव के भक्तों को एक तरह से बंधक बनाए हुए था। कथित भक्त जब भी घर जाने की बात करते थे, उन्हें तरह तरह की यातनाएं दी जाती थी। भक्तों के घर जाने की जिद करने पर इसकी शिकायत रामबृक्ष तक पंहुचाई जाती थी फिर स्वयं रामबृक्ष,चंदन तथा उसके गिरोह के अन्य साथी भक्तों को प्रताड़ित कर जान से मारने तक की धमकी देते थे।
मथुरा के जवाहर बाग कांड के बाद नेपाल के रूपनदेही जिले के लुंबनी थाना क्षेत्र के अधियारी निवासी नंदलाल ने मथुरा के सदर बाजार थाने में दर्ज कराए गए मुकदमें में रामवृक्ष, चंदन तथा उसके गुर्गों द्वारा जयगुरुदेव के भक्तों के साथ किए गए क्रूरतम व्यवहार का सिलसिलेवार ब्यौरा दर्ज कराया है।
नंदलाल और उसके बहनोई बेचन निवासी झागुनी थाना मोहाना जिला सिद्धार्थनगर एक साथ मथुरा में बाबा जयगुरुदेव आश्रम गए थे। जयगुरुदेव आश्रम में पहुंचने के बाद उन्हें पता चला कि बाबा जयगुरुदेव का एक आश्रम जवाहर बाग में है। ऐसे में वे दोनों वहां चले गए। बाग में पहुंचने के बाद रामवृक्ष यादव, चंदन बोस, विरेश यादव, राकेश, मुकेश और उनके साथ डेढ़ सौ लोग लाठी डंडा और हथियार लेकर उन्हें घेर लिया और मारपीटकर बंधक बना लिया। वे उन्हें जवाहर बाग से भागने पर जान से मारने की धमकी भी देते थे।
एक दिन जैसे-तैसे दोनों जान बचाकर जवाहर बाग से भाग निकले। इस मामले में नंदलाल ने मथुरा के सदर बाजार थाने में मुकदमा दर्ज कराया है, उसमें बस्ती से पकड़े गए चंदन बोस का नाम दूसरे नंबर पर है। चंदन बोस की ड्यूटी जवाहर बाग के गेट नंबर एक पर रहती थी। उसकी इजाजत के बगैर न तो कोई बाग में अंदर जा सकता था और न ही बाग से बाहर आ सकता था। मथुरा में अकेले नंदलाल ही नहीं पूर्वी उत्तरप्रदेश के जिलों के अन्य कई जय गुरुदेव भक्तों द्वारा जवाहर बाग में चंदन तथा रामवृक्ष की दादागिरी की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की खबर है। इसकी तह तक जाने पर नंदलाल जैसे कइयों का दर्द सामने आ सकता है।