बस्ती। मुंडेरवा थाना क्षेत्र के नरियांव गांव में बुधवार रात ससुराल वालों
ने दहेज के लिए महिला को पीट-पीट कर मारा डाला और शव घर के पीछे खेत में
रख दिया। इसके बाद ससुराल वालों ने गांव में डाकू आने का शोर मचाना शुरू कर
दिया। पुलिस की सूचना पर पहुंचे महिला के पिता ने दहेज हत्या की तहरीर दी।
पुलिस ने पति, सास-ससुर, देवर और ननद के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज
कर छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
संतकबीरनगर जिले के धनघटा
थाना क्षेत्र के रामपुरबाराकोनी गांव निवासी मोहम्मद जमील पुत्र हबीब ने
करीब डेढ़ साल पहले अपनी पुत्री शमीमुन्निशां उर्फ गुड़िया (24) का निकाह
शमीम उर्फ सलमान पुत्र शफीक अहमद निवासी नरियांवा थाना मुंडरेवा जिला बस्ती
से किया था। शादी के कुछ महीने बाद ही ससुराल वालों ने गुड़िया को
प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
पुलिस का कहना है कि बुधवार की देर
रात ससुराल वालों का किसी बात को लेकर गुड़िया से विवाद शुरू हो गया। इसके
बाद एक राय होकर ससुराल वालों ने लोहे की रॉड से पीट-पीट कर मार डाला और
घटना को डकैती का रंग देने के लिए गांव में डकैत आने का शोर मचाना शुरू कर
दिया। मगर छानबीन में एक कमरे में खून के निशान देख पुलिस को शक हुआ।
इसके
बाद पुलिस ने मृतक महिला के पति शमीम से कड़ाई से पूछताछ की तो वह टूट गया
और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने मृतक महिला के मायके
वालों को सूचना दी। सूचना के बाद पहुंचे पिता जमील ने पूरी बात पुलिस को
बताई। बताया कि निकाह के दौरान उसने 40,000 रुपये नकद और अपनी हैसियत के
मुताबिक दान दहेज दिया था।
बावजूद इसके, ससुराल वाले बाइक और 50
हजार रुपये नकद की मांग कर रहे थे। डिमांड पूरी न कर पाने पर उसको अक्सर
प्रताड़ित करते रहते थे और जान से मारने की धमकी देते थे। क्षेत्राधिकारी
अतुल सोनकर ने बताया कि पिता की तहरीर पर मृतक गुड़िया के पति शमीम उर्फ
सलमान, ससुर शफीक अहमद, सास नसीब्बुन्निशा, देवर जमील, ननद सबाना और नसीमा
के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि दो
अभियुक्त देवर सलीम और सगीर पुत्रगण शफीक अहमद फरार हैं।
रॉड को बदलने का प्रयास किया
जिस
रॉड से मृतका गुड़िया पर हमला किया था, उसे वहां से घर वालों ने हटा दिया
था। मगर कड़ाई से पूछताछ में उस रॉड को दूसरे कमरे से लाकर आरोपियों ने
पुलिस को उपलब्ध करवाया।
गर्भपात कराने का भी आरोप
महिला के पिता
ने तहरीर में आरोप लगाया कि छह माह पहले उसकी पुत्री गर्भवती थी। मगर सास
ने धोखे में कोई दवा पिला दी, जिससे उसका गर्भपात हो गया।
शव उठाने का भी किया विरोध
पुलिस
जब घर के पीछे खेत से शव उठाने लगी तो घरवालों ने गांव वालों के साथ मिलकर
पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया। इस पर पुलिस का परिवार वालों के
खिलाफ शक और भी गहरा हो गया।
हाइवे पर भी जाम लगाने की कोशिश
गांव
में डकैतों के आने और महिला की हत्या किये जाने के विरोध में गांव वालों
ने हाइवे पर भी जाम लगाने की कोशिश की। मगर जब पुलिस ने पूरी कहानी बताई तब
जाकर ग्रामीण शांत हुए।