क्षेत्र के नियामतपुर गांव के पास शनिवार सुबह करीब 10 बजे घाघरा नदी की सोती पार करने के दौरान नाव डूब गई। इससे किसान की डूबने से मौत हो गई। नाव जब बीच धारा में पहुंची तभी उसके तल का पटरा निकल गया, जिससे पानी भर गया था।
दुबौलिया थाना क्षेत्र के नियामतपुर गांव के किसान रामचंदर (45) का खेत नदी उस पार है। जहां पर उन्होंने परवल की खेती की है। शनिवार सुबह भी रोज की तरह करीब आठ बजे वह खेत की रखवाली करने के लिए नाव से उस पार जाने के लिए निकले। घाघरा नदी की सोती में इस समय गहरा पानी है। नाव खेकर वह अकेले पार कर रहे थे। जैसे ही उनकी नाव सोती की बीच धारा में पहुंची कि अचानक पेंदी में लगा एक पटरा टूट गया और नाव में पानी भर गया। पानी भर जाने से नाव के साथ रामचंदर भी डूब गए। नदी के छोर पर मौजूद कुछ लोगों ने शोरगुल मचाना शुरू किया। इससे आसपास के किसान और गांव के लोग इकट्ठा हो गए। गांव के लोग मौके पर पहुंच कर जाल डाल कर एक घंटे बाद नदी से शव को बाहर निकाले। किसी ने हादसे की जानकारी दुबौलिया पुलिस को भी दी। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक पंकज गुप्ता ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए बस्ती भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक पंकज गुप्ता ने बताया किसान की मौत नाव डूबने के कारण हुई है। लाश का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
रामचंदर की मौत से परिवार में कोहराम
किसान रामचंदर की घाघरा नदी में नाव डूबने से हुई मौत की जानकारी जैसे ही घर वालों को हुई। कोहराम मच गया। पत्नी सोहरता देवी रह-रह कर बेसुध हो जा रही थीं तो बच्चे चीख रहे थे। इससे ढांढस बंधाने वालों की भी हिम्मत जवाब दे जा रही थी। पत्नी होश में आते ही बार-बार चीख रही थी कि अब कैसे घर-बार चलेगा। वहीं, छह बेटियां आरती, मालती, ममता, रूबी, प्रिया, रिया तथा बेटा कन्हैया का रो-रो कर बुरा हाल है। किसान रामचंदर खेती करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे।