बस्ती। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव गोयल की अदालत ने दहेज हत्या के दो अलग-अलग मामलों में सास-ससुर की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परिपूर्णानंद पांडेय ने अदालत को बताया कि सोनहा थाना क्षेत्र के जमोहना पुरवा कोनार निवासी अमरजीत के साथ जानकी का विवाह हुआ था। ससुराल वाले दहेज में मोटरसाइकिल की मांग कर रहे थे। मोटरसाइकिल न मिलने के कारण 21 अप्रैल 18 को जानकी को जहर देकर मार डाला। इस मामले में संतकबीरनगर जनपद के बखिरा थाना क्षेत्र के देवपुर निवासी लाल बहादुर ने पति अमरजीत, ससुर जगराम, सास व जेठानी पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। न्यायालय ने ससुर जगराम की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
दूसरा मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के ब्योतहरा का है। देवरिया माफी निवासी भुईलोट ने अपनी पुत्री का विवाह मई 2013 में विजय पाल के साथ किया था। आरोप लगाया कि शादी के बाद ससुराल के लोग दो लाख रुपये की मांग कर रहे थे। रुपये न पाने के कारण अर्चना को जहर देकर मार डाला। इस मामले में पति विजय पाल, ससुर रामनाथ, सास सुदामा देवी, जेठ व देवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सास सुदामा देवी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।