बस्ती। साथी जोखन कुमार की पिटाई और पुलिस द्वारा मुकदमे का अल्पीकरण करने और आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज अधिवक्ताओं ने शुक्रवार केे न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया।
सुबह सिविल बार की कार्यकारिणी ने बैठक कर न्यायिक कार्यों के बहिष्कार का निर्णय लिया। इसके बाद सिविल कोर्ट के मध्य गेट के सामने सड़क पर सभी अधिवक्ता एकत्रित हुए। अधिवक्ताओं ने कहा कि उनके साथी अधिवक्ता जोखन कुमार को आरोपियों ने मारपीट कर मरणासन्न कर दिया। गंभीर हालत में उन्हें मेडिकल कॉलेज भर्ती कराया गया जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। घटना में उनकी पत्नी को भी चोटें आई थीं।
इस मामले में पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। अधिवक्ता के दलित वर्ग के होने के बाद भी मामले में एससी/एसटी एक्ट नहीं लगाया गया। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक मुकदमे में उपयुक्त धाराएं बढ़ाकर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की जाती तब तक वे चुप बैठने वाले नहीं हैं।
इस मौके पर सिविल बार के महामंत्री दयाशंकर दुबे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष शरद कुमार चतुर्वेदी, संयुक्त मंत्री दिलशाद हसन खान, मृत्युंजय कुमार उपाध्याय, सिद्धार्थ गौतम, कनिष्ठ उपाध्यक्ष पावेंद्र नाथ पुरी, पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश श्रीवास्तव, जनपद बार के महामंत्री रविशरण सिंह, परमात्मा प्रसाद चौधरी, एसएन दुबे, राजेश कुमार मिश्र, बद्री प्रसाद दुबे, अरविंद दुबे, देवानंद सिंह, प्रदीप कुमार मिश्र, प्रशांत कुमार भारती, अरविंद चौधरी, फैज उमर, शिवनरायन पांडेय, विजय कुमार तिवारी, पवनसुत ओझा, शैलेंद्र कुमार पाठक, मनीष कुमार श्रीवास्तव, रामरतन पांडेय, शैलेंद्र पाल, राजेश विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे।