बस्ती। भाजपा के एमएलसी प्रत्याशी गिल्लम चौधरी और उनके परिवार वालों को
डीएम और एसपी की ओर से चुनाव मैदान से हटने की धमकी से नाराज अधिवक्ताओं ने
गुरुवार को भी न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर विरोध जताया। इससे वादकारियों
को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बुधवार को सिविल बार एसोसिएशन की
साधारण सभा की बैठक में भाजपा प्रत्याशी के भाई वरिष्ठ उपाध्यक्ष परमात्मा
प्रसाद चौधरी और शेषमणि पांडेय एडवोकेट के पत्र पर चर्चा के बाद प्रस्ताव
पारित कर दो दिन कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया था।
इसी क्रम
में गुरुवार को भी अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर विरोध
जताया। अधिवक्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में किसी को चुनाव
लड़ने से जबरन विरत नहीं किया जा सकता। ऐसा करना लोकतंत्र की भावना के
प्रतिकूल है। जब प्रशासनिक अधिकारी ही जोर जबरदस्ती पर उतर जाएंगे तो
लोकतंत्र का क्या होगा।
अधिवक्ताओं ने कहा कि भाजपा प्रत्याशी
गिल्लम चौधरी के भाई परमात्मा प्रसाद श्रीवास्तव बार एसोसिएशन के वरिष्ठ
उपाध्यक्ष हैं। ऐसे में उनके परिवार के साथ जोर जबरदस्ती सहन नहीं होगा।
विरोध
जताने वालों में सिविल बार के अध्यक्ष रमाशंकर पांडेय, महामंत्री
प्रेमप्रकाश श्रीवास्तव, जनपद बार के अध्यक्ष जवाहर लाल मिश्रा, महामंत्री
रविशरण सिंह, मारुत कुमार शुक्ला, परमात्मा प्रसाद चौधरी, शेषनाथ पाठक,
भानुप्रताप शुक्ला, रामसुरेश वर्मा, अशोक कुमार ओझा, मारुत कुमार शुक्ला,
अरविंद चौधरी, हनुमान सिंह आदि अधिवक्ता शामिल रहे।