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युवक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या

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देवेंद्र सिंह। - फोटो : amar ujala
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दुबौलिया थाना क्षेत्र के चिलमा बाजार में स्टेट बैंक के सामने शनिवार को जमीन विवाद में नोकझोंक हुई। बात बढ़ने पर एक पक्ष ने युवक को गोली मार दी। अस्पताल पहुंचने के पहले युवक ने दम तोड़ दिया। युवक के भाई की तहरीर पर दो लोगों पर नामजद मुकदमा दर्ज कर पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। 
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वारदात पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे हुई। रामजानकी मार्ग से बड़ौसर गांव को जाने वाले संपर्क मार्ग पर दो पक्षों में नोकझोंक चल रही थी। इसी बीच गोली चलने की आवाज पर आसपास के लोग दौड़। बड़ौसर गांव के देवेंद्र प्रताप सिंह गुड्डू (32) पुत्र रमेश सिंह जमीन पर गिर कर तड़प रहे थे जबकि आरोपी भाग निकले। लोगों ने जमीन से उठाकर चाय की दुकान के तख्त पर लिटा दिया। घटना की जानकारी परिवार वालों को दी गई। कुछ ही समय पर पहुंचे परिजन निजी वाहन से जिला अस्पताल ले गए। जहां पहुंचने से पहले गुड्डू ने दम तोड़ दिया। घटना से गुस्साई भीड़ ने वहीं खड़ी कार को तोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया। मौके पर पहुंचे दुबौलिया के प्रभारी निरीक्षक पंकज गुप्ता और सीओ कलवारी अरविंद कुमार वर्मा ने कार को कब्जे में ले लिया। देवेंद्र की मां पुनीता सिंह ने पुलिस की पूछताछ में आरोप लगाया कि गांव के ही रामचरितर सिंह (रिटायर्ड सूबेदार मेजर) व पूर्व प्रधान ने बेटे को जमीन की रंजिश में गोली मारी। घटना से गांव में सन्नाटा है। कोई कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। गुड्डू के छोटे भाई भाग्य प्रताप सिंह की तहरीर पर रामचरितर सिंह और रामनरायन सिंह निवासी बड़ौसर के खिलाफ हत्या की धाराओं में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। 

मसौधा चीनी मिल में कर्मचारी थे गुड्डू 
देवेंद्र प्रताप सिंह गुड्डू पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। वह वर्तमान में फैजाबाद स्थित मसौधा चीनी मिल में किसी गन्ना क्रय केंद्र पर सीजनल कर्मचारी थे। गुड्डू सिंह की शादी दो वर्ष पूर्व रागिनी सिंह के साथ हुई थी। जिनसे एक बेटा यश प्रताप सिंह (एक वर्ष) का है। 
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42 बीघा जमीन बनी मौत का कारण 
बड़ौसर, सवई परसन व कजिया पुर गांव में स्थित कुल 42 बीघा जमीन को लेकर गांव के ही रामचरितर सिंह व गुड्डू के पिता के बीच काफी अरसे से विवाद चला आ रहा है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है और मुकदमे में यथास्थिति के लिए स्थगन आदेश है। उसी जमीन पर कब्जे को लेकर दोनों पक्ष कई बार आमने-सामने हुए हैं। समय-समय पर पुलिस की कार्रवाई से मामले नहीं तूल नहीं पकड़ा लेकिन अंदर ही अंदर दुश्मनी चलती रही।
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