बस्ती। गोरखपुर के दुर्गाबाड़ी का रहने वाला राम किशुन अपने छोटे-छोटे तीन बच्चों के साथ अपनी पत्नी को दर-ब-दर ढूंढ रहा है। उसकी पत्नी को परिवार सहित जीआरपी भोर में तीन बजे उठा लाई। पति बच्चों सहित महिला को लॉकअप में डाल दिया और इसके बाद वे पूरी रात उसी में बंद रहे। जीआरपी के उप निरीक्षक ने बताया कि महिला व उसके परिवार को पर्स चोरी के मामले में पूछताछ के लिए लाया गया था, लेकिन वह शौचालय जाने के बहाने भाग गई। रामकिशुन को भी जीआरपी ने छोड़ दिया। तब से बच्चों को लेकर अपनी पत्नी इंदु को खोज रहा है।
राम किशुन ने बताया कि वह ठेका अनुबंधित कंपनी में सफाई कर्मी के पद पर रेलवे स्टेशन पर तैनात है। यहीं रेलवे कालोनी में वह परिवार सहित रहता है। उसकी पत्नी को 24 की शाम एक पर्स मिला। उस पर्स के बारे में उसने जीआरपी को बताया। इसके बाद जीआरपी ने कोई तवज्जो नहीं दी। भोर में अचानक जीआरपी की टीम उसके आवास पर पहुंची और परिवार के बच्चों समेत थाने पर ले आई, जहां पत्नी ने सबके सामने पर्स जीआरपी को सौंप दिया। पर्स पाने के बाद भी पुलिस ने उसमें से मोबाइल और अन्य सामान गायब होने की बात कह कर लॉकअप में बैठा दिया। चूंकि 25 को रामकिशुन का सूरत जाने का टिकट था, ऐसे में वह छोड़ने के लिए मिन्नत करने लगा, मगर उसकी किसी ने नहीं सुनी। 25 सितंबर की दोपहर पत्नी ने जीआरपी की महिला सिपाही को शौचालय जाने की बात बताई, जिस पर उसे लेकर शौचालय पहुंचा दिया गया, करीब 12 बजे शौचालय गई पत्नी देर शाम तक जब नहीं लौटी तो जीआरपी ने बताया कि वह झांसा देकर भाग गई है। उसके बाद पुलिस ने हमें भी छोड़ दिया। तब से लेकर अब तक पत्नी का कहीं पता नहीं है। घर और उसके मायके में भी पता किया गया। छोटे-छोटे बच्चों को लेकर परेशान राम किशुन की समझ में नहीं आ रहा है कि वह क्या करे। इस संबंध में जीआरपी के सब इंसपेक्टर जितेंद्र ने बताया कि इस परिवार को पूछताछ के लिए लाया गया था, मगर तब मैं ड्यूटी पर नहीं था। 25 की शाम जब आया तो घटना के बारे में पता चला है। इस मामले में जीआरपी की कोई गलती नहीं है। वह महिला झांसा देकर फरार हो गई है।