थाना क्षेत्र के एक गांव में चोरों के तीन साल की मासूम के साथ दुष्कर्म के मामले में 24 घंटे बीत गए है, मगर पुलिस अब भी खाली हाथ है। बदमाशों की गिरफ्तारी तो दूर पुलिस उनका सुराग तक नहीं लगा सकी है। यह मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ने लगा है, मगर पुलिस जांच की आड़ लेकर खुद की इज्जत बचाने में जुटी है। गांव में शुक्रवार की रात चोरों ने घर के अंदर एक बक्से का ताल तोड़कर उसमें रखे जेवरात और दो हजार नकदी चुराए। इसके बाद इन्हीं चोरों ने मां के पास सो रही तीन साल की मासूम को उठाकर घर पिछवाड़े ले जाकर दुष्कर्म किया। रात में ढाई बजे के करीब जब गृह स्वामी के कान में बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी तो उसे ढूंढा जाने लगा। बच्ची घर के पिछवाड़े नल के पास घायलावस्था में मिली। परिवार के लोगों ने पुलिस को सूचना दी तो मौके पर थानेदार पहुंचे। जांच पड़ताल कर ही रहे थे कि पुलिस अधीक्षक भी मय दलबल वहां आ गए। आवश्यक दिशा निर्देश देने के बाद वे वापस लौट आए। इधर पहले तो पुलिस इस मामले की लीपापोती करने में जुटी रही, मगर मामले को तूल पकड़ता देखकर मुकदमा दर्ज कर लिया। मगर सफलता अभी दूर है। बदमाशों का सुराग भी पुलिस अभी नहीं लगा पाई है। थानाध्यक्ष एमपी चतुर्वेदी ने कहा कि मामले के हर बिंदुओं पर छानबीन की जा रही है। पूछताछ चल रही है। शीघ्र ही बदमाश पुलिस की गिरफ्त में होंगे।