कटेश्वर पार्क में आधा-अधूरा निर्माण।
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बस्ती। अमृत योजना के तहत पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए मंजूरी मिली थी। पहली किस्त 57 लाख रुपये आने के बाद कटेश्वर पार्क के सुंदरीकरण का काम एक ठेकेदार को मिल भी गया। काम शुरू हुआ और ठेकेदार ने 46 लाख रुपये का भुगतान करा लिया। वह अधूरा निर्माण छोड़कर गायब हो गया। इससे पार्क की दशा सुधरने की बजाय बिगड़ गई। अब हाल यह है कि यहां बच्चों का घूमना भी खतरे से खाली नहीं है।
वर्ष 2017 में अमृत योजना के तहत शहरी पार्कों के सुंदरीकरण की योजना को हरी झंडी मिली थी। इसी के तहत कटेश्वर पार्क के लिए 57 लाख रुपये की पहली किस्त आवंटित होने के बाद एक ठेकेदार से अनुबंध भी हो गया। इसके तहत पार्क में ट्वाय ट्रेन, विशेष फौव्वारा आदि की व्यवस्था होनी थी। काम शुरू हुआ तो पहले चरण में पार्क के पुराने फ व्वारे के चारों ओर लंबा चौड़ा गड्ढा खोद दिया गया। इसमें चारो ओर दीवार खड़ी कर सरिया लगा दी गई। निर्माण के कारण लोगों का आना-जाना बंद हो गया। वहीं ठेकेदार पार्क के लिए मिली पहली किस्त की धनराशि में से 46 लाख का भुगतान कराकर चलते बना।
करीब छह माह से पार्क जीर्ण-शीर्ण हालत में पड़ा है। अब इसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। पार्क में लगे खतरनाक सरिया के चलते यहां बच्चे आने से डरते हैं। पार्क की खूबसूरत कुर्सियां भी टूट चुकी हैं। इसके लगे स्टैचू भी जीर्ण-शीर्ण हो गए हैं। पालिका के अधिशासी अधिकारी डा. मणि भूषण त्रिपाठी ने कहा कि पार्क निर्माण में अब तक क्या हुआ इसकी जांच कराई जाएगी। शासन से जो धन मिला था वह तो खर्च हो गया है। अब जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर शेष धन की मांग का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।