बस मालिक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
लखनऊ के चिनहट में रहकर बसें चलवाते थे
सूचना मिलते ही परिवार के लोग लखनऊ पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। बस मालिक की संदिग्ध परिस्थितियों में लखनऊ में मौत हो गई। सूचना मिलते ही परिवार के लोग लखनऊ के लिए निकल गए। वहीं, चिनहट पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के परिवारपुर गांव के रहने वाले योगेश कुमार सिंह उर्फ डब्बू सिंह लखनऊ के चिनहट में कमरा लेकर तीन बसों को बस्ती से लखनऊ चलवाते थे। उनका परिवार बस्ती और परिवारपुर रहता है। परिजनों के मुताबिक योगेश कुमार सिंह रविवार रात नौ बजे मोबाइल से बात किए थे। बातचीत में किसी एक बस के पकड़े जाने का जिक्र भी किया था। रात करीब दो बजे अचानक योगेश चीखने लगे। चीख सुनकर मकान मालिक पहुंचकर कमरा खोले तो वह कमरे में बेहोशी की हालत में पड़े थे। उन्होंने तत्काल घटना की सूचना परिजनों और पुलिस को दी। पुलिस योगेश सिंह को मेडिकल कॉलेज लखनऊ ले गई, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। परिवार के लोग रात में ही लखनऊ के लिए रवाना हो गए। मौत की सूचना कुछ ही देर में पूरे इलाके में फैल गई। 46 वर्षीय योगेश कुमार सिंह एपीएन पीजी कॉलेज से छात्र संघ का चुनाव लड़कर राजनीति में कदम रखे थे। गांव में क्षेत्र पंचायत का चुनाव जीतने के बाद वह लोकतांत्रिक कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष रूप में सक्रिय जनप्रतिनिधि रहे। पिता केदारनाथ सिंह की मौत के बाद घर की जिम्मेदारियों को निभा रहे थे। परिवार में माता आशा सिंह (65), छोटे भाई रितेश सिंह जो रेलवे गोरखपुर में तैनात हैं। पत्नी कविता सिंह और दो बच्चे प्रज्ज्वल सिंह (14) तथा उज्ज्वल सिंह (12) पढ़ाई कर रहे हैं। योगेश कुमार सिंह की मौत से सभी बेहाल हैं। सोमवार देर शाम योगेश कुमार सिंह का शव लेकर लोग पैतृक गांव पहुंचे तो चीख-पुकार से हर किसी की आंखें नम हो गईं। शुभचिंतकों की भीड़ दरवाजे पर जुट गई।
संदिग्ध परिस्थितियों में विवाहिता की मौत
परिजनों ने कहा कि रात से ही सावित्री के पेट में दर्द था
वाल्टरगंज पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
सास के खिलाफ उत्पीड़न और दहेज हत्या का केस
अमर उजाला ब्यूरो
मानिकचंद। वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के सुहई गांव में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सुबह उसका शव बिस्तर पर पाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के लिए भेज दिया है। विवाहिता की मां की तहरीर पर सास के खिलाफ उत्पीड़न और दहेज हत्या का केस पंजीकृत किया गया है। सोमवार सुबह गांव पहुंची पुलिस को परिवार के लोगों ने बताया कि सावित्री देवी (30) पत्नी झ्न्द्रमणि उपाध्याय के पेट में रात से ही दर्द हो रहा था। खुद अपने मायके सोनहा थाना क्षेत्र रेंगीं फोन कर उसने चाचा को बुलाया था। देर रात पहुंचे चाचा-चाची बातचीत के बाद सावित्री के दो वर्षीय बेटे को लेकर पुलिस को सूचना देने थाने पहुंच गए। पुलिस जब तक पहुंचती सावित्री की मौत हो चुकी थी।
सुहई निवासी निरंजन उपाध्याय के तीन बेटे राकेश उपाध्याय, इन्द्रमणि और गयामणि उपाध्याय हैं। सभी मुंबई में मेहनत-मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। छोटे भाई गयामणि की शादी मई में तय है। इंद्रमणि की शादी तीन साल पहले बडे़ धूमधाम से सोनहा थाना क्षेत्र के रेंगी में रामभरत तिवारी की बेटी सावित्री से हुई। दोनों से करीब दो वर्ष का बेटा अगम है। गांववालों के मुताबिक आएदिन पारिवारिक कलह होती रहती थी। सास करुणा देवी, ननद गंगाजली व खुशबू तथा बड़ी बहू का पूरा परिवार साथ में था। चाचा और चाची रात में पहुंचे तो लोग अपने कमरे में बैठाकर बातें किए लेकिन बाद में जब सावित्री के कमरे में पहुंचे तो उसकी मौत हो चुकी थी, जिसके बाद उसके बेटे को लेकर चले गए। इस संबंध में वाल्टरगंज थानाध्यक्ष अरविंद कुमार शाही ने बताया कि विवाहिता की मां गुड्डी पत्नी रामभरत तिवारी निवासी रेंगी थाना सोनहा की तहरीर पर सास करुणापति देवी के खिलाफ प्रताड़ना, दहेज हत्या आदि की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आते ही पुलिस आगे की कार्रवाई शुरू कर देगी।
पंखे से लटकी मिली विवाहिता लाश
परशुरामपुर के धरमनगर गांव की घटना की, चार पर केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
परशुरामपुर। थाना क्षेत्र के धरमनगर गांव में रविवार रात एक विवाहिता की लाश कमरे में छत के पंखे के सहारे लटकती मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने विवाहिता के पिता की तहरीर पर पति, सास, ससुर तथा जेठानी पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
धरमनगर गांव के रमेश चंद सैनी की पत्नी रोशनी (25) रविवार देर रात पंखे में फंदा बनाकर लटक गई। परिजनों ने पहले शव को नीचे उतारा और फिर पुलिस को सूचित किया। जानकारी होते ही रोशनी के पिता बिंदेश्वरी निवासी नकटी बुजुर्ग थाना कप्तानगंज भी पहुंच गए। पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि उनकी पुत्री रोशनी की हत्या की गई है। बताया है कि जुलाई 2016 में रोशनी की शादी रमेश चंद के साथ की थी। शादी के बाद से ही रोशनी से ससुराल के लोग दहेज में बाइक और सोने की चेन की मांग कर रहे थे। जिसको न दे पाने की स्थिति में मारपीट कर प्रताड़ित किया जाता रहा। आरोप लगाया है कि रविवार की देर रात रोशनी को मारा-पीटा गया। पति रमेश चंद, ससुर चिंतामणि, सास पार्वती, जेठानी उषा ने गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने बिंदेश्वरी की तहरीर पर चारों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा पंजीकृत कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रभारी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव का कहना है कि रोशनी के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।