बस्ती। दहशत का पर्याय बने चोरों का शातिर गिरोह परशुरामपुर पुलिस के हत्थे उस वक्त चढ़ गया, जब क्षेत्र के कई गांवों में चोरी-लूट अंजाम देने में मशगूल थे। क्षेत्रीय लोगों के सहयोग से पीछा करके पुलिस ने मखौड़ा से आगे सालेपुर गांव के बाग के पास सात चोरों को गिरफ्तार कर लिया। 12-15 की संख्या में घटना को अंजाम देने चोर पहुंचे थे लेकिन बाकी चकमा देकर फरार होने में कामयाब रहे। लगातार चुनौती पेश कर रहे इस गिरोह के पकड़े जाने से पुलिस और पब्लिक ने राहत की सांस ली। एएसपी पंकज कुमार ने रविवार की दोपहर प्रेसवार्ता कर पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया। एएसपी के अनुसार बहराइच जिले के अवनैसा निवासी राजकिशोर उर्फ लंबू का बेटा विजय पथरकट इस गिरोह का सरगना है। लंबू पर लूट, चोरी, छिनैती, डकैती के 40 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। उसके बेटे विजय पर भी इतने ही केस दर्ज हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि जिस गांव में चोरी करनी होती है, वहां गैंग के कुछ सदस्य जाकर रेकी करते हैं। उसके बाद हमारे गैंग के लोग एक जगह इकट्ठा होकर बसों पर अपनी साइकिल लादकर आते हैं और चिह्नित गांव तक साइकिल से जाते हैं। रात्रि में चोरी की घटना करते हैं। कोई शोरगुल करे तो उसे मारपीट कर घायल कर देते हैं। सीओ हर्रैया सतीश चंद्र शुक्ल के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक रमेश की टीम ने सातों को घेर लिया तो बदमाशों ने फायर कर दिया। इस दौरान बाकी बदमाश भाग गए लेकिन उनमें से सरगना सहित सात पकड़े गए। एसपी दिलीप कुमार की तरफ से वर्कआउट करने वाली टीम को 10 हजार रुपये पुरस्कार देने के लिए कहा गया है।
सातों आरोपी और उनके कारनामे
पकड़े गए बदमाशों में सुखदेव निवासी जुगलीपुर थाना तुलसीपुर जनपद बलरामपुर, विजय कुमार पथरकट निवासी ओनइसा थाना कोतवाली देहात बहराइच, वहीं का निवासी लाल बहादुर, मालिक, शिव कुमार, शनि पथरकट, राजू उर्फ मिट्ठू निवासी बलरामपुर कचहरी के पास थाना शामिल हैं। इन सबने 15 और 16 जून को क्षेत्र में हुई चोरी सहित तमाम घटनाओं में संलिप्तता बताई। उसकी तलाशी में लगभग एक लाख रुपये के जेवरात, चोरी के आठ हजार चालीस रुपये, एक तमंचा व दो कारतूस बरामद किया गया।
ऐसे गिरफ्त में आया गिरोह
परशुरामपुर। शनिवार की रात क्षेत्र के गोरया गांव में रात करीब 12 बजे रमेश कुमार श्रीवास्तव के घर को चोरों ने चारों तरफ से घेर लिया। कुछ पीछे से दीवार के सहारे छत पर चढ़े और अंदर जाकर स्टोर का ताला तोड़कर उसमें रखी अलमारी बॉक्स व अटैची खंगाल लिए। रमेश की पत्नी बन्नो के अनुसार सात की संख्या में चोरों में से तीन बाहर थे लेकिन दो चोरों ने उसकी गर्दन पर चाकू रखकर बच्चों को भी दबोच लिया। मारपीट कर कान और नाक के जेवरात छीन लिए। बाकी चोर घर में लूटपाट करते रहे। लॉकर में रखी चेन, मंगलसूत्र, झुमकी, झाला, पाजेब, महिला व पुरुषों की तीन अंगूठियां, चार चांदी के सिक्के, करीब 20 हजार नकद, मोबाइल, टॉर्च तथा घर के कागजात उठा ले गए। गांव के प्रधान राजकिशोर श्रीवास्तव ने पुलिस को सूचना दी। गांव के संतराम, शिव प्रसाद, आदित्य, रतन, राजकुमार आदि ने पीछा किया तो चोर धमकी देते हुए भाग निकले। इसके बाद गिरोह रात एक बजे पचौहा पहुंचा तो हो-हल्ला मचाने पर भाग गए। इसके बाद चौरी कस्बे से सटे भुआल पुरवा में दो घरों में चोरी की। पांच-छह चोर छप्पर पर चढ़कर राजेंद्र मौर्य की छत पर पहुंचे। उनकी बेटी के कान की झुमकी छीन ली। बाकी घर में कुछ नहीं मिला तो पास में सटे रामानंद मौर्या के घर में चोर घुसे। घर में सो रहे रामानंद तथा उनकी पत्नी ने रोकना चाहा तो चोरों ने उन्हें पीटा। तथा घर में रखी चार अंगूठियां और बटुए में रखी रकम ले गए। इसके बाद जमौलिया पाण्डेय के बेनी नगर के ग्राम प्रधान शिव सहाय सोनकर के घर के पीछे दरवाजे पर लगे छज्जे के जरिए घर में घुसने का प्रयास किए लेकिन ऊपर लगे कांच से घायल होकर चोर छज्जा सहित नीचे जा गिरा। खून के निशान मिलने पर सो रहे परिजनों में जाग हो गई तो वे भाग लिए। तीनों जगह से 100 नंबर तथा स्थानीय पुलिस को सूचना मिली। फौरन पुलिस सक्रिय हुई और आस-पास के गांव की घेराबंदी कर ली। इसी दौरान साइकिल से भागते हुए सात चोर पकड़ लिए गए। उनके पास से महिला से छीना मोबाइल बरामद होने पर पुलिस ने राहत की सांस ली।