बस्ती। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक हर्ष अग्रवाल ने गैरइरादतन हत्या के जुर्म में सगे भाइयों सहित सात लोगों को सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर सात-सात हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। इसे अदा न करने पर डेढ़ वर्ष के अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड से प्राप्त धनराशि में से 21 हजार रुपये मृतक के पुत्र मुश्ताक को दिया जाएगा।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रामानुज भास्कर ने घटना का विवरण कोर्ट में रखा। कहा कि रुधौली थाना क्षेत्र के पैड़ा निवासी मो. मुस्तफा ने 30 दिसंबर 2018 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह और उसके परिवार के लोग अपने घर पर कारोबार में लगे थे। इसी बीच गांव के हमीदुल्लाह, खलीलुल्लाह, हबीबुल्लाह, बैतुल्लाह, समीउल्लाह, वसीउल्लाह, अब्दुल गफ्फार, रहमतुल्लाह व सर्फुद्दीन व उनके सहयोगी सुबह आठ बजे घर पर चढ़ आए। लाठी-डंडा, फरसा व भाला लिए थे। घर में घुस गए और परिवार को मारने लगे। घर को भी क्षतिग्रस्त किया। पिटाई से सभी को गंभीर चोट आई। मुस्तफा की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां से मेडिकल कॉलेज गोरखपुर भेजा गया, मगर रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज होकर आरोप पत्र दाखिल हुआ। मुकदमेके दौरान हमीदुल्लाह की मौत हो गई। गवाहों के बयानों और सबूतों के आधार पर जज ने सगे भाई खलीलुल्लाह, हबीबुल्लाह, बैतुल्लाह, समीउल्लाह, वसीउल्लाह, अब्दुल गफ्फार, रहमतुल्लाह को सात-सात वर्ष की सजा सुनाई। साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए आरोपी सर्फुद्दीन को दोषमुक्त किया गया।