बस्ती। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पृथ्वीपाल यादव ने मासूम की मौत के मामले की हत्यारोपी महिला को उम्र कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने 13 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद यादव ने कोर्ट में घटना का विवरण रखा। बताया कि सोनहा क्षेत्र के पिपरहरिया गांव निवासी रुखसाना खातून ने पुलिस को तहरीर दी थी। जिसमें कहा गया कि आठ अगस्त 2017 को दिन में उसका ढाई वर्षीय बेटा मोहल्ले में खेल रहा था। इसी बीच वह अचानक लापता हो गया। खोजबीन के बाद भी उसका कहीं पता नहीं चला। दूसरे दिन गांव के मौलवी ने माइक से एलान किया कि सभी घरों की तलाशी होगी।
एलान के बाद गांव की उषा ने एक बोरा गड्ढे में फेंका था। 10 अगस्त 2017 को गांव के कुछ बच्चों ने बोरा देखा। बच्चों ने शोर मचाया। इसकी जानकारी जब पुलिस को हुई तो जांच पड़ताल के लिए पहुंच गई। बोरा खोला गया तो उसमें मासूम का शव बरामद हुआ। पुलिस को रुखसाना ने बयान दिया कि उसका झगड़ा उषा से हुआ था, जिस पर उसने सबक सिखाने की धमकी दी थी। आरोप लगाया कि इसी के बदले उषा ने बच्चे की हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में उषा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की बात सामने आई। न्यायालय में पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने उषा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।