प्राथमिक विद्यालय में एमडीएम का निरीक्षण करते अमित कुमार।
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बस्ती। तमाम कोशिकों के बावजूद सरकारी स्कूलों की शैक्षिक व्यवस्था में कोई खास सुधार नहीं हो रहा है। स्कूलों से बिना किसी सूचना के हेड मास्टर और सहायक अध्यापकों का गायब रहना जारी है। एमडीएम के जिला समन्वयक अमित कुमार मिश्र ने जब शनिवार को विकास खंड दुबौलिया के स्कूलों का निरीक्षण किया तो सबसे खराब स्थित स्कूलों में बच्चों की उपस्थित की पाई। पांच स्कूल तो बंद मिले मगर पांच स्कूलों में एक एक बच्चे पाए गए, जबकि बच्चों से अधिक शिक्षक मिले। एक स्कूल का संचालन करने के लिए गांव के एक बच्चे को स्कूल की चाबी थमा दी गई।
प्राथमिक विद्यालय एवं उच्चतर प्राथमिक विद्यालय महुलानी के निरीक्षण में दोनों स्कूल बंद पाए गए। इसी तरह प्राथमिक एवं उच्चतर प्राथमिक विद्यालय फेरसहन दोनों बंद मिले। प्राथमिक विद्यालय मझियार भी बंद मिला। प्राथमिक एवं उच्चतर प्राथमिक विद्यालय दुबौलिया बाजार दोनों में एक एक बच्चा मिला। प्राथमिक विद्यालय दुबौलिया बाजार में शिक्षक पंकज शर्मा मौजूद मिले। एसपीआरपी त्रिपाठी विद्यालय नांदेकुआं सेमरा में शिक्षक विनोद कुमार एवं पुष्कर चौधरी नहीं मिले।
प्राथमिक विद्यालय विशेषरगंज के निरीक्षण में हेड मास्टर शिवकुमार 12 और 14 मई को बिना किसी सूचना के गायब मिले। उच्च प्राथमिक विद्यालय विशेषरगंज की जांच में स्कूल तो खुला मिला, मगर बच्चों की संख्या एक रही। प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर में हेड मास्टर सुजीत कुमार वर्मा गैर हाजिर मिले। यही स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय अशोकपुर की भी रही। यहां पर भी हेड मास्टर धीरेंद्र प्रताप सिंह बिना किसी सूचना के गायब मिले।
उच्च प्राथमिक विद्यालय हेंगापुर के निरीक्षण में एक बच्चा मिला और इस स्कूल की शैक्षिक गुणवत्ता निम्न स्तर की पाई गई। उच्च एवं प्राथमिक विद्यालय बरसावं टेड़वा में एक एक बच्चे मिले। प्राथमिक विद्यालय बरसावं टेड़वा में तो हेड मास्टर ही गायब मिले। पूर्व माध्यमिक छपिया मलिक के निरीक्षण में हेड मास्टर गिरीशचंद्र बिना किसी सूचना के गायब मिले।
डीसी एमडीएम के शनिवार को स्कूलों के निरीक्षण में प्राथमिक विद्यालय रमना तौफिर में स्कूल का संचालन करते हुए दिनेश कुमार नामक बीएससी का छात्र मिला। उसने अपने बयान में बताया कि स्कूल के अध्यापक ओमप्रकाश ने उन्हें यहकर स्कूल की चाबी दे दी कि शनिवार को मैं स्कूल नहीं आउंगा, इस लिए स्कूल खोल देना।