जिला जेल में 25 मई की रात बंदी रक्षक से हुई मारपीट मामले में करीब 15 दिन बाद पुलिस जगी है। शुक्रवार को छह नामजद एवं 23 अज्ञात बंदियों के खिलाफ बंदी रक्षक पद्माकर पांडेय की तहरीर पर कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
बंदी रक्षक पद्माकर पांडेय ने मारपीट के साथ राजकीय कार्य में बाधा डालने, तथा तोड़फोड़ करने की तहरीर दी थी। बंदी रक्षक ने बताया है कि 25 मई को जेल में नाइट ड्यूटी पर तैनात थी। किसी बात पर सोनू उर्फ धोनी तिवारी को चेताया था। इससे नाराज धोनी अपने सहयोगी विक्की सिंह तेवतिया, प्रिंस उर्फ मजफरुलहक, सूरज मिश्र, रोहित उर्फ राहुल, जनार्दन के साथ मिलकर बंदी रक्षक से मारपीट की। किसी तरह वहां से भाग कर जान बचाई। उपद्रव में 23 अन्य बंदी भी शामिल थे जिनके खिलाफ अब मुकदमा दर्ज किया गया है। जेलर वीके मिश्र ने बताया कि उक्त कैदियों ने एकत्रित होकर बंदी रक्षक पर हमला बोल दिया था। बाद में इन सभी ने जेल में तोड़फोड़ भी की थी। जिसके संबंध में तहरीर दी गई थी। पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद शुक्रवार को केस दर्ज किया है।