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गिरे हाईटेंशन तार से तीन झुलसे

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कप्तानगंज/महराजगंज। 
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क्षेत्र के परसपुरा गांव में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से एक ही परिवार की दो महिलाओं सहित तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए। गांव वालों ने एंबुलेंस की मदद से तीनों को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां सभी का इलाज चल रहा है।
परसपुरा गांव में कप्तानगंज के विद्युत उपकेंद्र के खजुहा फीडर से सप्लाई होती है। शुक्रवार भोर करीब तीन बजे गांव के संतराम की भैंस दरवाजे पर बंधी थी। खुलकर अचानक भागने लगी। भैंस को परिवार के लोग पकड़ने के लिए दौड़े। अंधेरा होने के कारण गांव के ही खेलई के खेत में तीन दिन पहले से गिरे 11 हजार वोल्ट के तार को नहीं देख सके, जिसकी चपेट में आ गए। करंट लगने से संतराम की चीख सुनाई दी तो गांव के अन्य लोग उधर दौड़े। नजारा देखकर तत्काल बिजली कटवाने के लिए पहले कप्तानगंज विद्युत उपकेंद्र के सीयूजी  9453048050 पर फोन करने लगे लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ था। बाद में 100 नंबर पर घटना की सूचना दी गई। इसके बाद बिजली आपूर्ति ठप कराई गई। तब तक संतराम (30 वर्ष), भाभी धनशीरा (35 वर्ष) और भतीजी प्रीति (18 वर्ष) गंभीर रूप से झुलस चुकी थीं। लोगों को एंबुलेंस की मदद से कप्तानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। सीएचसी के डॉक्टरों ने तीनों को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। घटना के बाद गुस्साए गांव वालों ने विद्युत उपकेंद्र पहुंच घेराव कर नाराजगी जताई। कप्तानगंज के प्रभारी एसओ रामा प्रसाद यादव ने इस संबंध में बताया कि मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है। वहीं कप्तानगंज के जेई के सीयूजी पर विभाग का पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन मोबाइल बंद रहा।
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शिकायत को नहीं सुनते बिजली कर्मी
कप्तानगंज बिजली विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही का नतीजा था कि तीन दिन पहले टूटे तार को ठीक नहीं किया गया साथ ही आपूर्ति जारी रही। कर्मियों की मनमानी के चलते आएदिन दुर्घटनाएं हो रहीं हैं। गांव के गया प्रसाद, मंगल प्रसाद, संतोष आदि ने बताया की बिजली के गिरे तार को ठीक कराने के लिए फोन पर लाइनमैन को भी सूचना दी गई थी। लेकिन उसके बाद भी तार नहीं ठीक किया गया।
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घटना के बाद मोबाइल बंद कर लेते है अधिकारी
कप्तानगंज थाने के परसपुरा गांव में हुई बिजली दुर्घटना के बाद बिजली विभाग के जेई का एसडीओ का फोन बंद हो गया। सूत्र तो यह भी बताते हैं कि ड्यूटी पर तैनात एसएसओ रात में ही मोबाइल बंद करके भाग गया था। गांव के लोगों ने बिजली कटवाने के लिए पहले कप्तानगंज विद्युत उपकेंद्र पर फोन किया लेकिन सीयूजी बंद होने के कारण बिजली नहीं कटी। बाद में ग्रामीणों ने 100 नंबर पर फोन करके बिजली कटवाकर झुलसे लोगों को एंबुलेंस से इलाज के लिए अस्पताल भेजवाया।
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