खेत में करंट लगने से शख्स की मौत
नगर बाजार/बहादुरपुर।
थाना क्षेत्र के हथिया उपाध्याय गांव में तड़के नित्यकर्म करने गए 55 वर्षीय शख्स की करंट लगने से मौत हो गई। ग्राम प्रधान की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रधान का कहना है कि खेत में बिजली का तार गिरा हुआ था। अंधेरे में दिखाई न देने की वजह से हादसा हो गया।
हथिया उपाध्याय निवासी सीताराम उपाध्याय की माली हालत काफी खराब थी। इधर-उधर मेहनत मजदूरी करके वह अपना परिवार पालते थे। फक्कड़ स्वभाव के सीताराम को पूरे इलाके में लोग अहमियत देते थे। यही वजह रही कि जब बुुधवार को उनकी मृत्यु की सूचना मिली तो बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंचे। कुछ लोगों ने पुलिस को शिकायत की कि इस घटना में कोई साजिश भी हो सकती है लेकिन क्षेत्र के तमाम लोगों ग्राम प्रधान और बीडीसी सदस्यों ने इसे खारिज करते हुए सिर्फ दुर्घटना करार दिया। प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार करने के लिए परिवार वालों को सौंप दिया गया।
कमरे में लटकती मिली विवाहिता की लाश
छावनी।
थाना क्षेत्र के रमदत्तपुर की एक युवती की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। सुबह कमरे की छत में हुक से फंदा फंसाकर उसकी लाश लटकी मिली। कुछ देर में मायके से उसका भाई आ पहुंचा और उसने पुलिस को हत्या की तहरीर दी। पुलिस ने पति समेत चार ससुरालियों पर हत्या और साक्ष्य छिपाने की कोशिश करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया।
हर्रैया थानाक्षेत्र के हर्दिया निवासी दूधनाथ यादव की बहन कुशलावती की शादी करीब दो वर्ष पहले छावनी के रमदत्तपुर गांव में श्रवण के साथ हुई। श्रवण राजस्थान के जयपुर में प्राइवेट काम करता था। शादी के बाद से ही किसी न किसी बात को लेकर उनमें झगड़ा होता रहता था। बताया जाता है कि कुशलावती अक्सर सुबह जल्दी जागकर घर का सारा काम निपटाने के बाद ही दम लेती थी। मगर बुधवार को देर तक कमरे से नहीं निकली तो घर वालों को शक हुआ। पुलिस के अनुसार बिना दरवाजे के उसके कमरे में परिवार के लोगों ने झांक कर देखा तो पैरों तले जमीन सरक गई। सूचना मिलने पर थाने से पहुंचे एसआई मदन गुप्ता ने लाश कब्जे में ले लिया। कुशलावती के भाई दूधनाथ यादव की तहरीर पर पति के अलावा ससुर राम अवध, सास प्रभावती, और ननद ललिता पर मुकदमा दर्ज किया।
दहेज की बात से इन्कार
दो वर्ष पहले शादी होने के बावजूद मृतका के भाई दूधनाथ यादव ने दहेज के चलते हत्या की बात से इन्कार किया। पुलिस को दी गई तहरीर में भी दहेज का जिक्र तक नहीं है। जबकि इस परिस्थिति में मौत होने पर अमूमन दहेज हत्या का आरोप लगाया जाता है। कानून के जानकार बताते हैं कि दहेज हत्या कह देने से मुकदमे में सजा की गारंटी होती है, इसलिए बात कोई भी हो लेकिन मुकदमा इन्हीं धाराओं में दर्ज कराया जाता है। एसपी संकल्प शर्मा का कहना है कि भाई की तहरीर में जितनी बातें लिखीं थीं, उस हिसाब से धारा लगी है।