201 पर मुकदमा, तीन गिरफ्तार
बस्ती।
अपने ही घर में शनिवार की शाम पिटी पुलिस सत्तादल के लोगों से सशंकित रही। रात भर दबिश में पकड़े गए भाजपाइयों को छुड़ाने फिर न कोई पहुंचे, इसे लेकर रविवार को सतर्क दिखी। इस बीच घटना में 21 नामजद सहित 201 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
रविवार को आधा दर्जन से ज्यादा थानेदार, पीएसी और क्यूआरटी कोतवाली में डटी रही। सीओ सिटी पवन कुमार गौतम, कोतवाल विजयेंद्र सिंह के अलावा नगर, पैकोलिया, पुरानी बस्ती आदि कई थाने के एसओ मय फोर्स कोतवाली में बने रहे। कॉलेज प्रकरण को लंबे समय से देख-समझ रहे इंस्पेक्टर हर्रैया कपिल मुनि सिंह को खास तौर से बुलाकर फीडबैक लिया गया। पुलिस ने आरोपी आदित्य सिंह, राहुल और आशीष को गिरफ्तार किया है। सात संदिग्धों को भी हिरासत में रखने की बताई जा रही है। एसपी संकल्प शर्मा का कहना है कि 21 नामजद समेत 201 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पहले 19 का नाम प्रकाश में आया था लेकिन वीडियो क्लिप से पहचान के बाद दो नाम और बढ़ाए गए।
इनको किया गया नामजद
थाने पर मौजूद डे-ऑफिसर एसआई मोतीलाल की तहरीर पर कोतवाली थाने में भाजपा नेता पुष्कर मिश्र निवासी गांधीनगर कोतवाली, प्रमोद पाण्डेय निवासी थरौली, लालगंज, तारक जायसवाल पुरानी बस्ती, अजय यादव बड़ेवन, विधमणि सिंह वाल्टरगंज, आदित्य सिंह भुवर निरंजनपुर, सलमान तुर्कहिया, अमर्त्य सुन्दरम पाण्डेय कलवारी, शिवानन्द पाण्डेय, अभिषेक पाण्डेय, अर्पण श्रीवास्तव उर्फ चन्दन रौता चौराहा, आशीष यादव, रोहित भट्ट, विवेक चौबे, अमित श्रीवास्तव, अजय शुक्ल, प्रशान्त पाण्डेय, आदित्य, वरुण पाण्डेय, अनिल पाण्डेय के अलावा 180 अज्ञात पर आईपीसी की धारा 147,148, 332, 353, 224, 225, 504, 186, 188, 506, 427 और 7 क्रिमनल लॉ के तहत मुकदमा दर्ज है।
प्राचार्य ने कराया अलग केस
एपीएन पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद असलम ने भी तहरीर देकर एक मुकदमा कायम कराया है। इसमें 17 नामजद समेत 29 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने अजय यादव, आलोक शुक्ल, राजा सिंह उर्फ करमवीर, आदित्य प्रताप सिंह, अमर्त्य सुन्दरम पाण्डेय, शिवानन्द पाण्डेय, अमित श्रीवास्तव, विवेक चौबे, सलमान अंसारी, रोहित भट्ट, अर्पण श्रीवास्तव, आशीष यादव, अवैश, अनुराग पाण्डेय, अंकुर कसौधन और अभिष पाण्डेय समेत 29 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
डीआइजी बोले,सक्षम है तंत्र
लगातार मात खा रही बस्ती पुलिस के कामकाज को लेकर डीआइजी राकेश कुमार साहू निश्चिंत हैं। उनका कहना है कि जिले स्तर पर सक्षम अधिकारी अपना काम अच्छे से कर रहे हैं। कार्रवाईयां ठीक हो रही है, इसलिए उनकी दखल की अभी जरूरत नहीं है। यदि उनसे किसी सलाह-सुझाव की जरूरत होगी तो वह तत्पर होंगे।
प्राचार्य पर हो सकती है कार्रवाई
मौजूदा माहौल में एपीएन कॉलेज के मौजूदा प्राचार्य पर कभी भी कार्रवाई हो सकती है। जिला प्रशासन में इसे लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। एसपी संकल्प शर्मा का कहना है कि वह खुद इसे लेकर डीएम से बात कर चुके हैं। माना जा रहा है कि जिला प्रशासन अविलंब कोई निर्णय ले लेगा।
दुस्साहस का सामना, शर्मसार खाकी
बस्ती।
जिले के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब कोई लॉकअप का ताला तोड़कर पुलिस कस्टडी से मुलजिम को जबरदस्ती छुड़ा ले गया हो। सत्तामद में चूर भाजपाई शहर की कोतवाली में फर्नीचर उलट-पलट कर अपने शागिर्द को छुड़ा ले गए लेकिन वहां मौजूद चार चौकी इंचार्ज सहित छह दरोगा और दर्जन भर से ज्यादा सिपाही-दीवान तमाशबीन बने खड़े रहे।
छात्रनेता को हिरासत में लिए जाने से उग्र भाजपाइयों के आगे पुलिस घुटने के बल नजर आई। वहां मौजूद चौकी इंचार्ज सोनूपार, जिला अस्पताल, सिविल लाइंस और जेल गेट ताकते रहे। कोतवाल का मेज और फरियादियों की बेंच तक उलट-पलट करके कई कागजात भी फाड़ डाले। उन्हें रोकने की हिम्मत किसी पुलिस वाले की नहीं पड़ी। उनके जाने के बाद पहुंचे एसपी संकल्प शर्मा ने छह सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया लेकिन इस घटना के बाद आम-अवाम की नजर में पुलिस की साख काफी गिरी है। वहीं, संतरी ने दिलेरी दिखाई। सारे दरोगा, कांस्टेबल जिस वक्त खिसक लिए उस वक्त संतरी ड्यूटी पर तैनात आरक्षी ने डटकर उग्र लोगों का सामना किया। जब भाजपाई गाली देते हुए मुलजिम को छुड़ाकर ले जाने लगे तो संतरी ने उन पर रायफल (संगीन) तान दी। हालांकि, उसकी भी पिटाई कर दी।
एबीवीपी ने पल्ला झाड़ा
जिस आदित्य तिवारी उर्फ कबीर को एबीवीपी ने समर्थन देकर एपीएन कॉलेज स्टूडेंट यूनियन का प्रेसिडेंट बनवाया, उससे अब किनारा कर लिया। एसपी संकल्प शर्मा का कहना है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से पत्र मिला है, जिसमें उसको संगठन से अलग बताया गया है।
कमिश्नर के स्कॉर्ट में थे कोतवाल
जिस वक्त कोतवाली में हंगामा हुआ उस समय कोतवाल विजयेंद्र सिंह कमिश्नर के स्कॉर्ट में थे। सफाई में कोतवाल का कहना है कि शांतिभंग की आशंका में कबीर को थाने पहुंचाकर वह कमिश्नर के बुलावे पर स्कॉर्ट करने चले गए। उसी दौरान प्रभावशाली भाजपा नेता प्रमोद पांडेय, पुष्कर मिश्र आदि सौ से ज्यादा समर्थकों ने कोतवाली पर धावा बोल दिया।