शहर के ताल-पोखरों की तैयार हो रही कुंडली
अवैध कब्जा: 400 तालाबों पर कब्जे की पुष्टि के बाद हरकत में प्रशासन
निरस्त होगा ताल-पोखरों के अवैध कब्जेदारों का नाम : एसडीएम
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। ताल-पोखरों का जीवन बचाने की प्रशासनिक पहल और तेज हो गई है। जिले में अब तक 400 तालाबों पर अवैध कब्जे की पुष्टि के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया है।
शहरी क्षेत्र में ताल-पोखरों की कुंडली भी प्रशासन ने तैयार करानी शुरू कर दी है। इसके लिए सभी लेखपालों को लगाया गया है। प्रथमदृष्टया शहर में आधा दर्जन ताल-पोखरों पर अवैध कब्जे के आसार हैं। मगर प्रशासन ने अब तक इसकी पुष्टि नहीं की है। एसडीएम सदर के मुताबिक जब तक सर्वे का कार्य पूरा नहीं हो जाएगा तब तक कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। हो सकता है आधा दर्जन से अधिक ताल-पोखरों पर कब्जा हो। विकास कार्यों को लेकर प्रशासनिक कवायद के बीच डीएम डॉ. राजशेखर की निगाह अचानक तालाबों की ओर घूम गई। उन्होंने तालाबों पर अवैध कब्जे की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए। जब तहसीलों की टीम ने सर्वे किया तो यह तथ्य प्रकाश में आया कि यहां तो 400 तालाब की जमीन सैकड़ों लोगों ने फर्जी ढंग से अपने नाम करा ली है। इस गोलमाल की भनक लगते ही प्रशासनिक तंत्र सक्रिय हो उठा और फिर डीएम ने इसके निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू करने तथा तालाबों की खुदाई के लिए मनरेगा में शामिल किए जाने की मंजूरी दी है। खबर है कि जिले के विभिन्न तहसीलों में सर्वे कराकर जहां तालाबों का चिह्नांकरण किया गया है, वहीं, शहरी क्षेत्र में अभी जिम्मेदार जिनके कंधों पर सर्वे की जिम्मेेदारी है वे इसे पूरा नहीं कर सके हैं। यही नहीं जिन लोगों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है वे इस कार्य को तमाम तर्क देकर लटकाए हुए हैं। क्योंकि शहर के तमाम ताल-पोखरों पर खुलेआम अवैध कब्जा कर रसूखदारों ने भवन व स्थायी निर्माण करा लिए हैं। एसडीएम सदर श्रीप्रकाश शुक्ल ने बताया कि शहरी क्षेत्र में यदि ऐसा है तो उसे संज्ञान लिया जाएगा। सर्वे कराया जा रहा है यदि किसी ने सर्वे कार्य में कहीं कोई लापरवाही बरती तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तालाबों और पोखरों पर अवैध रूप से दर्ज कराए गए नाम निरस्त किए जाएंगे।