मैं दीवान जी बोल रहा हूं.. घर का पता दो या कोतवाली आ जाओ
नाबालिग से जिस्मफरोशी प्रकरण : नेटवर्क को तलाश रही पुलिस, जल्द होगी गिरफ्तारी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। नाबालिग से जिस्मफरोशी के मामले में चार लोग सलाखों के पीछे भेजे जा चुके हैं। इसमें शामिल लोगों को पुलिस तलाश रही है। जल्द ही और भी गिरफ्तारी हो सकती है। प्रकरण की विवेचना सीओ स्तर पर हो रही है। एक गवाह के पास एक संदिग्ध फोन आता है कि मैं दीवान जी बोल रहा हूं...। अपने घर का पता बताओ। या फिर कोतवाली आ जाओ। मैं तुमसे मिलना चाह रहा हूं।
29 मई को पुलिस ने जब चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा, तो शहर में सनसनी फैल गई। कुछ लोगों ने तो शहर को छोड़ दिया। कुछ लोगों को इस बात की भी चिंता सताने लगी है कि कहीं पुलिस की लिस्ट में उनका भी नाम तो नहीं शामिल है। सूत्रों की माने तो इस मामले में सरकारी कर्मचारी, तथा कथित सामाजिक कार्यकर्ता भी जांच की जद में आ गए हैं। प्रकरण पर केंद्र व प्रदेश सरकार के आला अधिकारी भी नजर बनाए हुए हैं। इसी बीच शनिवार और फिर रविवार को मामले के एक गवाह के पास एक फोन आया।
कहा गया, मैं दीवान जी बोल रहा हूैं। गवाह ने उत्तर दिया नमस्ते सर। फिर कहा गया सो रहे हैं क्या? गवाह बोलेा, हां थोड़ी तबीयत खराब है। फिर पूछा गया क्या हो गया है? गवाह ने उत्तर दिया- बुखार है। दवा लेने की सलाह दी गई और कहा गया कि तुमसे मिलना है। कहां हो, अपना पता बताओ आ जाता हूं, या फिर कोतवाली ही आ जाओ। गवाह ने उत्तर दिया मैं कोतवाली ही आ जाता हूं। लेकिन वह इतना डर गया कि कोतवाली गया। गवाह के अनुसार, बालिका की गवाही हो गई है। मैंने भी गवाही दी है। सब कुछ हो गया है तो फिर मुझे दीवान का फोन क्यों आया, यहां तक की उसने कहा कि विवेचना अधिकारी सीओ सदर हैं। यदि वो मुझे बुलाते तो मैं अवश्य जाता।
सीओ सिटी बोले, जांच की जाएगी
गवाह के पास दीवान का फोन आने की बात को लेकर सीओ सिटी आलोक सिंह ने कहा कि दीवान ने क्यों फोन किया, इसकी जांच की जाएगी। उनकी मंशा क्या थी इसकी भी जानकारी ली जाएगी।