पत्नी ने यूपी 100 टीम को भी बुला लिया था ससुराल
पत्नी के झगड़ने पर तनाव में मायके छोड़ने गया था पति
वापसी में ट्रक से टकराई कार, तीन युवकों की चली गई जान
शनिवार रात कलवारी मार्ग पर अक्सड़ा के पास हुई थी दुर्घटना
अमर उजाला ब्यूरो
नगर बाजार। पत्नी से विवाद के बाद तनाव में वाहन चलाना पूरे परिवार पर भारी पड़ गया। पत्नी को मायके छोड़कर शनिवार रात लौट रहे पति की कार ट्रक से जा टकराई। जिसमें तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि कार को गैस कटर से काट कर शव निकालना पड़ा।
शनिवार रात करीब 10 बजे नगर थाना क्षेत्र के बस्ती-कलवारी मार्ग स्थित खडौआ टोल प्लाजा के पास हादसे में कार सवार तीन युवकों की मौत के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। रविवार सुबह से ही मृतकों के घर दिलासा देने के लिए लोग पहुंचने लगे। परिवार के लोगों की माने तो महुरैया निवासी कृष्ण मणि निषाद से उनकी पत्नी अनीता का शनिवार की शाम विवाद हो रहा था। अनीता ने 100 नंबर पर फोन कर विवाद की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पति और पत्नी को समझा बुझाकर शांत कराया। बावजूद इसके अनीता मायके जाने की जिद पर अड़ी रही। शाम करीब 5:30 बजे पति से बोली कि मेरे मायके लालगंज थाना क्षेत्र के कछुआरे छोड़कर आओ। पति कृष्णमणि जिद के आगे मजबूर हो गया और कार से पत्नी अनीता के साथ ही चचेरे भाई सचिन व भतीजे राहुल को कार में बैठाकर वह ससुराल चल दिया। लौटते समय करीब पौने 10 बजे ये लोग नगर थाना क्षेत्र के बस्ती कलवारी मार्ग स्थित खडौआ गांव के पास निर्माणाधीन टोल प्लाजा के पास पहुंचे।
तभी कलवारी की तरफ से बस्ती की ओर जा रहे ट्रक से कार टकरा गई। इस हादसे में कार चला रहे कृष्ण मणि निषाद, सचिन निषाद व राहुल निषाद की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। सूचना पर क्षेत्राधिकारी कलवारी अनिल कुमार सिंह व थाना प्रभारी नगर अनिल कुमार और फुटहिया चौकी प्रभारी संतोष कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। हादसे की भयावहता को देखते हुए कटर से कार को काटकर शवों को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए बस्ती भेजा गया।
कमाऊ बेटों की मौत से तीन परिवारों पर वज्रपात
मो. जाहिद
नगर बाजार। खडौआ टोल प्लाजा के पास हादसे में जान गंवाने वाले कार सवार तीन युवकों में दो अपने अपने घर के इकलौते कमाऊ पूत थे। नगर थाना क्षेत्र के महुरैया निवासी सचिन निषाद व राहुल निषाद कानपुर में रहकर प्राइवेट कंपनी में काम कर परिवार का खर्च चलाते थे। सचिन की मौत से मां कबूतरा देवी व पिता रूदल और पत्नी अनारकली का रो-रो कर बुरा हाल है। ये लोग अचानक सचिन को यादकर चीख उठते हैं। मृतक सचिन के घर में कोई कमाने वाला नहीं है। सचिन की दो बेटियां पांच वर्षीय आनंदी व तीन वर्षीय देविका है। लोगों की जुबान पर बस एक ही चर्चा है कि अब बच्चों की परवरिश कैसे होगी।
पिता के बाद अब राहुल की आस टूटी
राहुल निषाद भी अपने घर के इकलौते कमाने वाले थे। राहुल के पिता रामू निषाद की लगभग एक वर्ष पहले ही मौत के बाद घर चलाने की जिम्मेदारी राहुल पर आ गई थी। अविवाहित राहुल भी कानपुर में रहकर प्राइवेट नौकरी करते थे। जिसके वेतन से परिवार का भरण पोषण आसानी से होने लगा था। हादसे में राहुल की मौत की खबर सुनने के बाद मां रीना देवी का रो-रो कर बुरा हाल है। वह आने जाने वाले लोगों को डबडबाई आंखों से देखती। रह रहकर चीख पड़तीं है। ढांढस बंधाने वाले खुद अपने आंसू नहीं संभाल पा रहे।
चार बहनों में अकेले थे कृष्णमणि
पत्नी को विवाद के बाद मायके छोड़ने गए कृष्णमणि निषाद ही कार चला रहे थे। कृष्णमणि की माता मिन्ता देवी व पिता समरजीत भी एकलौते बेटे की मौत से बेसुध हैं। कृष्ण मणि की कमाई से ही घर का खर्च चलता था। चार बहनें क्रांति (21), माया (19), किरन (16) और 15 वर्षीय रोशनी है। कृष्णमणि पर ही चारों बहनों की जिम्मेदारी थी। भाई की मौत की सूचना मिलते ही बहनों की चीख से हर कोई गमगीन हो गया।