बस्ती। छावनी थाना क्षेत्र के अर्जुनपुर गांव में शनिवार को दिन में आग लग जाने से पंद्रह घर जल गए। छह बीघा गेंहू की फसल भी आग की भेंट चढ़ गई। गांव तथा पुलिस वालों की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग बुझने के बाद अग्निशमन की गाड़ी गांव में पहुंची।
अर्जुनपुर गांव के पश्चिम दिशा में सोमई के घर से दिन में दो बजे के लगभग आग की लग की लपट निकली। जब तक गांव वाले कुछ समझ पाते तेज हवा के कारण आग ने विकराल रुप ले लिया। देखते ही देखते झिन्कान, रघुनाथ, गनेशी, शंकर, मनीराम, राजाराम, बदलू, सीताराम, झाप्सी, असगर अली, तीलकराम, जज्जी, पाटनदीन, रामराज का घर आग की भेंट चढ़ गया। घर में रखा सारा समान जल कर राख हो गया।
इन लोगों के पास शरीर ढंकने के कपडे़ के अलावा कुछ नहीं बचा पाया। सीताराम और रतिराम की छह बीघा से ऊपर गेहूं की फसल जल कर राख हो गइ। लगभग दो घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। आग बुझने के बाद अग्निशमन की गाड़ी गांव में पहुंची। देर से गांव में अग्निशमन की गाड़ी पहुंचने पर गांव के लोगों ने नाराजगी जताई।
पीएसी आने की सूचना पर भागे ग्रामीण
सड़क पर तकरीबन ढ़ाई घंटे तक उग्र रहे गांव वालों के बीच कोई अफसर या पुलिस कर्मी जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। इस बीच एसओ रुधौली भारी संख्या में पुलिस बल लेकर घटना स्थल की ओर रवाना हुए। लोगों में यह बात फैल गई कि पीएसी आ रही है। पीएसी के आने की सूचना पाते ही ग्रामीण भाग निकले। लोगों का कहना है कि रुधौली क्षेत्र में करीब तीन सौ बीघा गेहूं की फसल जली है। अग्निपीडि़तों में हनुमानगंज के शौकत अली, मोहम्मद रुफ, हफीजुल्लाह, बिस्मिल्लाह, रामचंद्र, लालमन, रुआब अली, नजरे हुसैन, रामकिशोर, रामलखन, जोखूलाल, हरिश्चंद्र, हयात मोहम्मद, हाजरा खातून, भुसुड़ी के हजरत अली, मोहम्मद इद्रीस, अकबर अली, रामफेर, दुलारे, शाकिर, जमरुल हसल, मुख्तार आदि हैं। इनके अलावा कई गांवों में भी फसल जली है।