कार्रवाई न होने पर मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। तहसील प्रशासन की ओर से चिन्हित भू-माफियों और अतिक्रमणकारियों के विरुद्घ कार्रवाई करने से प्रशासन की किरकिरी हो रही है। इन 12 भू-माफिया और 1133 के कब्जे में 90 हेक्टेअर से अ िधक सरकारी जमीने हैं। इनमें अभी तक मात्र चार भू-माफिया और दो अतिक्रमणकारियों के मामले में विरुद्घ विधिक कार्रवाई हो चुकी है। एंटी भू-माफिया के नोडल एडीएम भगवान शरण ने ‘अमर उजाला’ के खबर को संज्ञान में लेते हुए चारों एसडीएम से जबाव मांगा है और त्वरित विधिक कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया है।
भू-माफिया और अतिक्रमणकारियों ने 90 हेक्टेअर से अधिक तालाब, पोखरा, खलिहान और बंजर की जमीनों को अपने कब्जे में कर रखा है। सीएम योगी के फरमान के बाद माफिया के तो चिह्नितकरण तो हो गया मगर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जो कि चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि की एक ही दिन में 12 लोगाें के खिलाफ विधिक कार्रवाई कर प्रशासन ने अपनी मंशा को स्पष्ट कर दिया, मगर उसके बाद अचानक तहसीलों ने कार्रवाई करना बंद कर दिया, जबकि अतिक्रमण की शिकायतें बढ़ती ही जा रही है।
इन भू-माफिया के विरुद्घ नहीं हुई कार्रवाई
जिन आठ चिह्नित भू-माफिया के विरुद्घ अभी तक कार्रवाई नहीं हुई, उनमें सदर तहसील ग्राम बसिया निवासी रामकरन व सुभावपुर के आज्ञाराम, हर्रैया के ग्राम बसेवाराय के राधेश्याम, गणेश सिंह व राधेश्याम भानपुर तहसील के ग्राम मायाखुर्द, तहसील रूधौली के बासू पुत्र भोलर व धरमपुरवा के राम सेवक का नाम शामिल है।