भानपुर (बस्ती)। नाग पंचमी के मौके पर कबड्डी के बाद पोखरे में नहाने गया युवक डूब गया। शनिवार को प्रशासन की ओर से बुलाए गए मछुआरों ने 17 घंटे बाद शव को ढूंढने में सफलता पाई। उधर गुस्साए ग्रामीणों ने शनिवार को बस्ती-डुमरियागंज मार्ग को जाम कर दिया।
28 वर्षीय रामकरन ऊर्फ कल्लू पुत्र गंगाराम निवासी भानपुर का शव निकाले जाते ही परिवार मे कोहराम मच गया। पिता गंगाराम, माता कंचन व पत्नी रेखा की चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे मे लेकर अग्रिम कार्रवाई के लिए भेज दिया।
मौजूद लोगों के बीच चर्चा रही कि पांच सौ रुपये की शर्त जीतने के लिए पोखरा पार करने गया था। इसमें वह पहली बार सफल भी रहा लेकिन दूसरी पारी में वह पोखरे में डूब गया। कल्लू परिवार का कमाऊ पूत था। लोगों के घर मेहनत मजदूरी करके जीवकोपार्जन करता था। उसे अभी बच्चे भी नहीं थे।
ग्रामीणों ने जाम कर दी सड़क
सूचना के 16 घंटे बाद पहुंचे जिम्मेदार
भानपुर। शुक्रवार की शाम पांच बजे ही 28 वर्षीय रामकरन ऊर्फ कल्लू के डूबने की सूचना गांव वालों ने स्थानीय प्रशासन सहित डायल 100 पुलिस को दी। कुछ देर बाद डायल 100 टीम पहुंची लेकिन अन्य स्थानीय पुलिस व प्रशासन की ओर से कोई जिम्मेदार नहीं पहुंचा। शनिवार को सुबह नौ बजे तक भी किसी के न आने से नाराज गांव वालों ने बस्ती-डुमरियागंज मार्ग को जाम कर दिया। पुलिस प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की। जाम की सूचना पर एसडीएम हरिश्चन्द्र सिंह, थानाध्यक्ष सोनहा ओम प्रकाश यादव अपने सहयोगियों के साथ पहुंचे और समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। इससे करीब 20 मिनट तक आवागमन बाधित रहा।
आनन-फानन बुलाए गोताखोर प्रशासनिक लेट लतीफी से गुस्साए गांव वालों को देखते हुए प्रशासन ने आनन-फानन में गोताखोर और मछुवारों को बुुलाया। जिसके बाद शव की खोजबीन शुरू हुई। सुबह करीब 10 बजे से शुरू हुई तलाश के बाद करीब सवा 11 बजे शव को मछुआरों ने ढ़ूढ निकाला। इस दौरान सभी अधिकारी डटे रहे। एसडीएम हरिश्चंद्र सिंह ने कहा कि रामकरन उर्फ कल्लू की मौत के मामले में मदद का हर संभव प्रयास किया जाएगा। चूंकि परिवार काफी गरीब है। परिवार पर ब्रजपात के समान है। सरकारी मदद दिलाने की पूरी कोशिश करूंगा।